मुंबई हादसे के बाद उत्तराखंड में लोगों के दिलों की धड़कन बढ़ा देगी ये खबर, पढ़ेंगे तो चौंक जाएंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई के रेस्टोरेंट में हुए अग्निकांड के बाद उत्तराखंड में भी लोगों के अंदर दहशत पैदा हो रही है। वहीं ये खबर लोगों की धड़कने बढ़ा देगी।
दरअसल, शहर की अग्निशमन व्यवस्था को लेकर महकमा फिक्रमंदद नहीं है। हालात देखकर तो ऐसा ही लगता है। क्योंकि, हैरानी की बात यह है कि शहर के मॉल वह प्रतिष्ठानों में जो बचाव के उपकरण लगाए गएए हैं वह ठीक हैं भी या नहीं यह विभाग को नहीं पता।
अग्निशमन विभाग की नजर में जिलेभर के प्रतिष्ठानों में सब कुछ ओके है। 2017 में किसी भी प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई न होने से कम से कम यही लगता है। आंकड़ों के मुताबिक विभागीय अधिकारियों के पास अग्निशमन उपकरणों की जांच की फुर्सत ही नहीं है।
जांच के सैंकड़ों आवेदन रद्द
बता दें मुंबई में घनी आबादी के बीच स्थित रेस्टोरेंट में बर्थ-डे पार्टी के दौरान हुए अग्निकांड 14 लोगों के मारे जाने की खबर से दून शहर के लोग भी सहम गए हैं। शुक्रवार दिनभर लोगों की निगाहें मुंबई के अग्निकांड पर लगी रही।
रेस्टोरेंट में आग बुझाने की पूरे उपकरण न होने की बात सामने आ रही है। ऐसी ही स्थिति दून शहर की है। राजधानी देहरादून में दो साल में 1182 बडे़-छोटे मॉल, कांप्लेक्स, होटल, शोरूम आदि को एनओसी जारी की गई है। करीब 782 के आवेदन रद्द किए गए हैं। अमूमन पूरे साल में नवीनीकरण के दौरान ही अग्निशमन उपकरणों का सत्यापन हो पाता है। इसके अलावा नियमित रूप से किसी तरह की चेकिंग का प्रावधान नहीं है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि काम के दिनों में इतनी संख्या में सत्यापन करना मुश्किल है। इसके अलावा खुद अग्निशमन महकम के पास अत्याधुनिक उपकरण नहीं हैं। कई मंजिल इमारत में आग लगने की स्थिति में फायरकर्मी बेबस की स्थिति में रहते हैं।
विश्व बैंक को भेजा 113 करोड़ का प्रस्ताव
हालांकि हाईड्रोलिक प्लेटफार्म की खरीद हो गई है, लेकिन तकनीकी कारणों से वह दमकल विभाग को सुपुर्द नहीं किया जा सका है। बहरहाल जिला अग्निशमन अधिकारी शिव प्रसाद ममगई कहते हैं कि दमकल कर्मचारी किसी भी परिस्थितियों से निपटने को तैयार हैं।
विश्व बैंक को भेजा 113 करोड़ का प्रस्ताव
अग्निशमन विभाग को अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने को विश्व बैंक को हाल में 113 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। इसमें प्रदेश के चार मैदानी जिलों के लिए हाईड्रोलिक प्लेटफार्म के अलावा मल्टी परपज उपकरण भी शामिल हैं।