कुत्ते के बच्चे को गाड़ी से रौंदने पर शिक्षिका को दो साल की जेल, जानिए पूरा मामला
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कुत्ते के बच्चे को गाड़ी से रौंदने के जुर्म में एक शिक्षिका को दो साल की जेल हो गई। मामला बनबसा के केंद्रीय विद्यालय की एक शिक्षिका का है। शिक्षिका को नौ माह पहले बगैर लाइसेंस के लापरवाही से कार चलाते हुए एक खड़ी कार को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त करना और कुत्ते के बच्चे को रौंदना भारी पड़ गया।
टनकपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आरोपी शिक्षिका को दोषी करार देते हुए दो वर्ष का कारावास एवं 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। दोष सिद्ध होने पर बृहस्पतिवार को ही अदालत में मौजूद शिक्षिका को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया था। न्यायिक सूत्रों के अनुसार सिविल जज जूनियर डिवीजन, न्यायिक मजिस्ट्रेट अखिलेश कुमार पांडेय की अदालत में दायर वाद का शुक्रवार को फैसला सुनाया गया।
ये था मामला
वाद के अनुसार एनएचपीसी कालोनी बनबसा निवासी पीसी जोशी ने केंद्रीय विद्यालय-टू की शिक्षिका अनु त्यागी पर आरोप लगाया कि 23 मार्च 2017 को जब उसने एनएचपीसी परिसर में अपनी कार खड़ी की थी तब शिक्षिका अनु त्यागी ने लापरवाही से कार चलाते हुए उनकी कार को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त किया और एक कुत्ते के बच्चे को भी रौंद दिया।
पीसी जोशी की तहरीर पर बनबसा पुलिस ने आरोपी शिक्षिका के खिलाफ आईपीसी की धारा 279, 427 और 429 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बृहस्पतिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शिक्षिका पर लगाए आरोप सही पाते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।
सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि आरोपी शिक्षिका के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। शुक्रवार को मामले में फैसला सुनाते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी शिक्षिका को दो वर्ष साधारण कारावास एवं 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता अंबा दत्त गड़कोटी ने दलीलें पेश की।