पंचायत का अजीब फरमान, दुधमुंही बच्ची को मां से किया अलग
26 दिन की बच्ची को मां से अलग कर दिया।
पति की मौत के बाद महिला ने दिया था बेटी को जन्म।
मां अपने मायके और बेटी रिश्ते के दादा (मृतक पिता के चाचा) के पास है।
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मोहनपुरा मोहम्मदपुर निवासी जयव्रत उर्फ टिंकू की शादी 2 मई 2014 को संभल (जिला मुजफ्फरनगर, यूपी) निवासी मीनाक्षी से हुई थी।
जयव्रत माता-पिता की मौत के बाद अपने चाचा एवं दो छोटे भाइयों के साथ रह रहा था लेकिन आठ फरवरी को जयव्रत की भी संदिग्ध हालत में मौत हो गई।
पति की मौत के अगले दिन दिया था बच्ची को जन्म
मौत के अगले दिन यानी नौ फरवरी को जयव्रत की पत्नी ने बिटिया को जन्म दिया। पति की मौत एवं उसके बाद पैदा हुई बिटिया के पालन पोषण एवं मीनाक्षी का आगे का जीवन साथी बनाने के लिए रिश्तेदारों ने जयव्रत के छोटे भाई से प्रयास किए लेकिन बात नहीं बन पाई।
रविवार (छह मांच) का दिन दूधमुंही बच्ची के भविष्य का सबसे मनहूस दिन बनकर आया। इस दिन दोपहर से आधी रात तक हुई पंचायत में मां-बेटी को अलग-अलग करने का फरमान सुनाया गया। इसके बाद से मां अपने मायके चली गई और बेटी को इसके मृतक पिता के चाचा के पास छोड़ दिया गया।
अब तीन दिन से छोटी बच्ची अपनी मां से करीब 50 किलोमीटर दूर है। पंचायत के इस फरमान ने मां को तो बेटी से अलग कर दिया लेकिन फरमान सुनाने वालों को भी कटघरे में खड़े कर दिया गया है।
नौ माह में मां-बाप एवं पुत्र की मौत बनी चर्चा
जयव्रत की मां एवं पिता की मौत भी संदिग्ध हालत में हुई है। नौ माह में (तीन-तीन माह के अंतराल में) तीन मौतें होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
नौ माह पहले जयव्रत के पिता और उसके बाद तीन माह बाद मां और फिर तीन माह बाद जयव्रत की मौत हो गई। ग्रामीणों के बीच यह तीनों मौतें चर्चा का बिंदु बनी हुई हैं।