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पांच बार फेल होकर देहरादून की मीनाक्षी ने लिखी इबारत, बनी जज

Sun, 19 Feb 2017 10:57 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 19 Feb 2017 10:57 AM IST
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after five time failure meenakshi dubey become judge
minakshi

बार-बार असफल होने के बावजूद मीनाक्षी दूबे ने हार नहीं मानी और आखिरकार छठे प्रयास में सफलता हासिल की। उनके पिता देहरादून में वेंडर का काम करते हैं।

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खास बात यह है कि असफलता के दौर में मीनाक्षी की शादी हुई, लेकिन पति और ससुराल का पूरा सपोर्ट मिलने के चलते मीनाक्षी की कोशिश जारी रही। इस कामयाबी पर पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
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ओल्ड डालनवाला निवासी दूबे परिवार के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का पीसीएस (जे) परीक्षा परिणाम खुशियों की सौगात लेकर आया। घर-घर जाकर समाचार पत्र बांटने वाले रामनिवास दूबे की बेटी मीनाक्षी दूबे ने परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल किया।

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तीन बार इंटरव्यू भी दिया, लेकिन चयन नहीं हो पाया

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मीनाक्षी के लिए यह खुशी इसलिए ज्यादा है, क्योंकि उनके पिता ने बेहद कम संसाधनों के बीच उन्हें सरकारी स्कूलों में पढ़ाकर आगे बढ़ाया है।

मीनाक्षी ने सीएनआई गर्ल्स इंटर कॉलेज से 10वीं, डीएवी इंटर कॉलेज से 12वीं करने के बाद ग्रेजुएशन, एमएससी मैथ्स, एलएलबी की पढ़ाई डीएवी पीजी कॉलेज से की। मीनाक्षी ने बताया कि वर्ष 2007 से पीसीएस जे के लिए प्रयास शुरू कर दिया था। वर्ष 2008 से लगातार पीसीएस जे की मुख्य परीक्षा तक पहुंची।

तीन बार इंटरव्यू भी दिया, लेकिन चयन नहीं हो पाया। चौथे प्रयास में मीनाक्षी को कामयाबी मिली और वह जज बन गईं। हालांकि इस बीच उन्हें सहायक अभियोजन अधिकार पद पर कामयाबी मिली और वर्ष 2012 से वह इस पद पर सेवाएं दे रही हैं। इस बीच एक मई 2015 को मीनाक्षी का विवाह भी हो गया था, लेकिन उनका प्रयास जारी रहा। पति पंकज कुमार शर्मा और ससुराल पक्ष ने भी उन्हें इस मेहनत में पूरा सहयोग दिया।

बेटियां कम नहीं हैं

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जज बनने के बाद मीनाक्षी का कहना है कि बेटियां कहीं से भी कम नहीं हैं। वह दो भाईयों राम कृष्ण दूबे और अरुण कुमार दूबे की इकलौती बहन हैं। उनके पिता राम निवास दूबे और मां लक्ष्मी दूबे ने कभी भी बेटी और बेटे के बीच अंतर नहीं किया। सबको अपनी मेहनत से पढ़ाया।

उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील भी की है कि वह बेटियों को बोझ न समझें। उन्हें आगे बढ़ने का मौका जरूर दें। निश्चित तौर पर एक दिन बेटी भी आपका नाम रोशन करेगी। उन्होंने परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को संदेश दिया है कि वह कभी हार न मानें। जितना हो सके, मेहनत से पढ़ते रहें।

मीनाक्षी के टिप्स
पीसीएस (जे) प्री एग्जाम के लिए बेयर एक्ट काफी लाभकारी होता हैं। इसके बाद पीसीएस जे मेंस एग्जाम में सेलेक्टिड सिलेबस पढ़ें, लेकिन इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के सभी फैसलों और कानूनी बदलावों से अपडेट जरूर रहें। लिखकर तैयारी करें तो बेहतर होगा। मीनाक्षी के मुताबिक अगर आप कानून से अपडेट होंगे तो निश्चित तौर पर आप इंटरव्यू भी आसानी से फेस कर सकेंगे।

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