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Dehradun News: मृत्यु के बाद धुला समाज कल्याण अधिकारी एनके शर्मा पर लगा भ्रष्टाचार का कलंक

Tue, 01 Jul 2025 10:32 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jul 2025 10:32 PM IST
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After death, the officer was accused of corruption

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देहरादून। पूर्व समाज कल्याण अधिकारी नंद किशोर शर्मा पर लगा भ्रष्टाचार का कलंक उनकी मृत्यु के डेढ़ साल बाद धुला है। वर्ष 2021 में दर्ज उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में दाखिल विजिलेंस की अंतिम रिपोर्ट (एफआर) को स्पेशल विजिलेंस जज अंजलि बेंजवाल की कोर्ट ने सोमवार को स्वीकार कर लिया।



जांच में पाया गया कि शर्मा ने तय अवधि में आय से केवल 5.35 प्रतिशत अधिक व्यय किया है। यह उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने के लिए पर्याप्त नहीं है। समाज कल्याण अधिकारी नंद किशोर शर्मा के खिलाफ 2016 में एक शिकायत के आधार पर आय से अधिक संपत्ति की जांच शुरू की गई थी। इसके बाद अक्तूबर 2021 में विजिलेंस सेक्टर देहरादून में उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इसके बाद से लगातार नंद किशोर शर्मा अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इन्कार करते रहे।
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वह कई बार मुकदमे के खिलाफ उच्च न्यायालय नैनीताल तक गए। मुकदमे के तत्काल बाद उच्च न्यायालय ने तत्कालीन डायरेक्टर विजिलेंस को तलब कर इस मामले की जांच दो माह में पूरी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन जांच अपनी गति से चलती रही। इस बीच चार विवेचना अधिकारी बदल दिए गए। इसके बाद अंतिम विवेचना अधिकारी इंस्पेक्टर आरपी सती की ओर से 16 जनवरी 2024 को इस मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की गई। इससे पहले दो दिसंबर 2023 को नंद किशोर शर्मा की हृदयघात के चलते मृत्यु हो गई थी।
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विवेचना में पाया गया था कि वर्ष 2005 से 2016 के बीच नंद किशोर शर्मा ने ज्ञात आय के स्रोत से 1, 67,12,638 रुपये की आय की है। जबकि, इस अवधि में उन्होंने 1,76,06,848 रुपये खर्च किए हैं। प्राप्त आय के सापेक्ष यह राशि 8,94,210 रुपये अधिक है। यह करीब 5.35 प्रतिशत ही अधिक है। जबकि, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के नियमानुसार 10 प्रतिशत अधिक खर्च को आय से अधिक के खर्च में नहीं माना जाता है।



इसी आधार पर विजिलेंस ने भी महज 5.35 प्रतिशत अधिक खर्च को मुकदमे में आरोपपत्र के लिए पर्याप्त नहीं पाया। विजिलेंस के विवेचना अधिकारी की ओर से इस एफआर को स्वीकार करने की मांग न्यायालय से की थी। इस पर स्पेशल कोर्ट विजिलेंस ने सोमवार को इस एफआर को स्वीकार करते हुए अंतिम आदेश पारित कर दिए हैं।



पिता सूक्ष्म रूप में हमारे आसपास, उनकी आत्मा को मिलेगी शांति : अभिनव

दिवंगत नंद किशोर शर्मा के पुत्र अधिवक्ता अभिनव शर्मा ने बताया कि उनके पिता ने अपने ऊपर लगे इस कलंक को मिटाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने ईमानदारी से काम किया था। उन पर लगे इस तरह के आरोपों को वह सहन नहीं कर सके थे। उनकी मृत्यु के बाद भी वह सूक्ष्म रूप से हमारे बीच हैं। जैसा वह लंबे समय कह रहे थे वही विजिलेंस की जांच में आया। उन्होंने काेई भ्रष्टाचार नहीं किया, जो कि जांच में भी सामने आ गया। इस निर्णय से उनकी आत्मा को शांति मिलेगी। इस जांच के चलते उन्हें कई पदोन्नतियों से भी वंचित रहना पड़ा।
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