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जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी टाइगर रिजर्व जल्द लाए जाएंगे तीन और बाघ- बाधिन
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राजाजी टाइगर रिजर्व से पिछले दिनों लापता हुई बाघिन रानी की खोजबीन में जुटी टीम को रामगढ़ रेंज में भी बाघ के पैरों के निशान मिले हैं। प्लास्टर ऑफ पेरिस से इनके नाप लेकर पिछले दिनों बेरीबाड़ा रेंज में मिले बाघ के पदचिह्नों से मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि ये पदचिह्न लापता बाघिन के हो सकते हैं और वह टाइगर रिजर्व में ही है।
अधिकारियों के निर्देश पर बाघिन का पता लगाने के लिए ड्रोन कैमरों की भी मदद ली जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, बाघिन लगातार मूव कर रही है। पिछले दिनों बेरीबाड़ा रेंज में बाघ के पैरों के निशान मिले थे। अब दोनों रेंज में मिले पदचिह्नों का मिलान कर यह देखा जाएगा कि क्या ये एक ही बाघ के हैं। अगर पदचिह्न समान हुए तो संभावना है कि लापता बाघिन के ही होंगे।
लापता बाघिन की खोजबीन के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए एपीसीसीएफ (वन्यजीव इंटेलीजेंस) रंजन मिश्रा ने बृहस्पतिवार को टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बाघिन से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा कर रणनीति तय की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाथियों पर सवार होकर और पैदल पूरे क्षेत्र में गश्त करें ताकि लापता बाघिन के बारे में जानकारियां जुटाई जा सकें।
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ट्रेक क्षतिग्रस्त, जिप्सी से नहीं हो पा रही गश्त
मानसून के दौरान सफारी ट्रेक टूटने से बाघिन की खोजबीन में जुटे अधिकारियों और वनकर्मियों को जिप्सी से गश्त में दिक्कत हो रही है। पूरे टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ज्यादातर ट्रेक और सड़कें टूटने से वे गश्त नहीं कर पा रहे है।
जिम कार्बेट से जल्द लाए जाएंगे तीन और बाघ-बाघिन
जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से तीन बाघ-बाघिन जल्द राजाजी टाइगर रिजर्व में लाए जाएंगे। इनमें एक बाघ और दो बाघिन हैं। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने दोनों टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को बाघ-बाघिन के ट्रांसलोकोशन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश हैं।
नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) ने पांच बाघ-बाघिन को जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी टाइगर रिजर्व लाने की अनुमति दी है। इनको राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी क्षेत्र में ट्रांसलोकेट किया जाना है। यहां बाघों की संख्या बेहद कम है। एक बाघ और एक बाघिन वर्ष 2020 में लाए जा चुके हैं। जबकि, तीन बाघ-बाघिन को कोरोना संकट के चलते नहीं लाया जा सका था। अब कोरोना सामान्य होने के बाद इस प्रक्रिया में तेजी लाने की कवायद चल रही है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. समीर सिन्हा ने बताया कि जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से बाघों को जल्द राजाजी टाइगर रिजर्व लाया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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अधिकारियों के निर्देश पर बाघिन का पता लगाने के लिए ड्रोन कैमरों की भी मदद ली जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, बाघिन लगातार मूव कर रही है। पिछले दिनों बेरीबाड़ा रेंज में बाघ के पैरों के निशान मिले थे। अब दोनों रेंज में मिले पदचिह्नों का मिलान कर यह देखा जाएगा कि क्या ये एक ही बाघ के हैं। अगर पदचिह्न समान हुए तो संभावना है कि लापता बाघिन के ही होंगे।
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लापता बाघिन की खोजबीन के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए एपीसीसीएफ (वन्यजीव इंटेलीजेंस) रंजन मिश्रा ने बृहस्पतिवार को टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बाघिन से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा कर रणनीति तय की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हाथियों पर सवार होकर और पैदल पूरे क्षेत्र में गश्त करें ताकि लापता बाघिन के बारे में जानकारियां जुटाई जा सकें।
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ट्रेक क्षतिग्रस्त, जिप्सी से नहीं हो पा रही गश्त
मानसून के दौरान सफारी ट्रेक टूटने से बाघिन की खोजबीन में जुटे अधिकारियों और वनकर्मियों को जिप्सी से गश्त में दिक्कत हो रही है। पूरे टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ज्यादातर ट्रेक और सड़कें टूटने से वे गश्त नहीं कर पा रहे है।
जिम कार्बेट से जल्द लाए जाएंगे तीन और बाघ-बाघिन
जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से तीन बाघ-बाघिन जल्द राजाजी टाइगर रिजर्व में लाए जाएंगे। इनमें एक बाघ और दो बाघिन हैं। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने दोनों टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को बाघ-बाघिन के ट्रांसलोकोशन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश हैं।
नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) ने पांच बाघ-बाघिन को जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी टाइगर रिजर्व लाने की अनुमति दी है। इनको राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी क्षेत्र में ट्रांसलोकेट किया जाना है। यहां बाघों की संख्या बेहद कम है। एक बाघ और एक बाघिन वर्ष 2020 में लाए जा चुके हैं। जबकि, तीन बाघ-बाघिन को कोरोना संकट के चलते नहीं लाया जा सका था। अब कोरोना सामान्य होने के बाद इस प्रक्रिया में तेजी लाने की कवायद चल रही है। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. समीर सिन्हा ने बताया कि जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से बाघों को जल्द राजाजी टाइगर रिजर्व लाया जाएगा। इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।