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Dehradun News: शिक्षकों को ज्यादा किया भुगतान, अब सीबीएसई ने वापस मांगा
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बोर्ड परीक्षा की कॉपियां जांचने वाले शिक्षकों को तकनीकी खामी से हो गया ज्यादा भुगतान
बोर्ड परीक्षा की कॉपियां जांचने वाले शिक्षकों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से एक साल के लंबे इंतजार के बाद दोगुना भुगतान कर दिया गया। हालांकि, बाद में सीबीएसई की ओर से इसे तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए शिक्षकों को अतिरिक्त रकम वापस लौटाने को कहा गया।
दरअसल शैक्षणिक सत्र 2021-22 के कोरोनाकाल में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई की ओर से दो चरणों में बोर्ड परीक्षा कराई थीं। छात्रों ने टर्म-1 और टर्म-2 में बोर्ड की परीक्षा दी थी। इसके लिए विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों को कॉपियां जांचने के लिए चीफ नोडल सुपरवाइजर, हेड एग्जामिनर, सहायक हेड एग्जामिनर और मूल्यांकनकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन सभी शिक्षकों ने परीक्षा केंद्र पर कॉपियां जांचने के बाद बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर डाटा अपलोड किया था।
टर्म-1 की कॉपियां जांचने वाले शिक्षकों को तो कुछ समय बाद भुगतान कर दिया गया था। लेकिन टर्म-2 की परीक्षा की कॉपियां जांचने वाले शिक्षकों को करीब एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। ऐसे में जब भुगतान किया गया तो कुछ शिक्षकों को तय रकम से ज्यादा भुगतान कर दिया गया। ऐसे में अब उन शिक्षकों से सीबीएसई अतिरिक्त रुपयों को वापस लौटाने को कह रहा है।
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कुछ तकनीकी खराबी के चलते कुछ ही शिक्षकों को ज्यादा पैसा भेज दिया गया था। इसकी जानकारी शिक्षकों को दी गई तो उन्होंने अतिरिक्त पैसा लौटा दिया। अब ऐसा कोई भी मामला उत्तराखंड में नहीं है। - रणबीर सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई
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बोर्ड परीक्षा की कॉपियां जांचने वाले शिक्षकों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से एक साल के लंबे इंतजार के बाद दोगुना भुगतान कर दिया गया। हालांकि, बाद में सीबीएसई की ओर से इसे तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए शिक्षकों को अतिरिक्त रकम वापस लौटाने को कहा गया।
दरअसल शैक्षणिक सत्र 2021-22 के कोरोनाकाल में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई की ओर से दो चरणों में बोर्ड परीक्षा कराई थीं। छात्रों ने टर्म-1 और टर्म-2 में बोर्ड की परीक्षा दी थी। इसके लिए विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों को कॉपियां जांचने के लिए चीफ नोडल सुपरवाइजर, हेड एग्जामिनर, सहायक हेड एग्जामिनर और मूल्यांकनकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन सभी शिक्षकों ने परीक्षा केंद्र पर कॉपियां जांचने के बाद बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर डाटा अपलोड किया था।
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टर्म-1 की कॉपियां जांचने वाले शिक्षकों को तो कुछ समय बाद भुगतान कर दिया गया था। लेकिन टर्म-2 की परीक्षा की कॉपियां जांचने वाले शिक्षकों को करीब एक साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। ऐसे में जब भुगतान किया गया तो कुछ शिक्षकों को तय रकम से ज्यादा भुगतान कर दिया गया। ऐसे में अब उन शिक्षकों से सीबीएसई अतिरिक्त रुपयों को वापस लौटाने को कह रहा है।
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कुछ तकनीकी खराबी के चलते कुछ ही शिक्षकों को ज्यादा पैसा भेज दिया गया था। इसकी जानकारी शिक्षकों को दी गई तो उन्होंने अतिरिक्त पैसा लौटा दिया। अब ऐसा कोई भी मामला उत्तराखंड में नहीं है। - रणबीर सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, सीबीएसई