फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   After 19 years, preparations to make separate service manual for teachers

उत्तराखंड: 19 साल बाद शिक्षकों के लिए अलग सेवा नियमावली बनाने की तैयारी, केवि की तर्ज पर नवोदय विद्यालयों में तैनात होंगे शिक्षक

Sun, 03 Apr 2022 01:02 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 03 Apr 2022 01:02 PM IST
सार

वर्ष 2003 में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय खुले, लेकिन इन स्कूलों के शिक्षकों के लिए अलग से कोई सेवा नियमावली न होने से वर्तमान में इन स्कूलों में तीन तरह के शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं।

विज्ञापन
After 19 years, preparations to make separate service manual for teachers
teacher - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश के राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर शिक्षकों की तैनाती होगी। पूरे 19 साल बाद प्रदेश सरकार को एहसास हुआ है कि उसे नवोदय विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती के लिए अलग सेवा नियमावली बनानी होगी। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को सेवा नियमावली का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। अगले दो महीने के भीतर नियमावली वजूद में आ जाएगी।

विज्ञापन


प्रदेश में एनडी तिवारी सरकार में वर्ष 2003 में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय खुले, लेकिन इन स्कूलों के शिक्षकों के लिए अलग से कोई सेवा नियमावली न होने से वर्तमान में इन स्कूलों में तीन तरह के शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। राजकीय इंटर कालेजों से प्रतिनियुक्ति पर आने वाले शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति खत्म होने या फिर उनकी पदोन्नति होने पर इन शिक्षकों के अपनी मूल तैनाती पर चले जाने से नवोदय विद्यालयों में अक्सर शिक्षकों की कमी की समस्या रही है।
विज्ञापन


कुछ स्कूल वर्षों से सिफारिशी शिक्षकों के लिए सुविधाजनक तैनाती का ठिकाना रहे हैं। लेकिन अब केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर इन स्कूलों के शिक्षकों के लिए अलग सेवा नियमावली बनाई जा रही है। इससे इन स्कूलों में सीधी भर्ती से शिक्षकों की तैनाती हो सकेगी या फिर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों से इनमें तैनाती का विकल्प लिया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...प्रह्लाद कक्कड़:   ‘विज्ञापन एकमात्र पेशा, जहां महिलाओं को मिलती है पुरुषों से ज्यादा तनख्वाह’ पढ़िए विज्ञापन गुरु ने क्यों कहा ऐसा?

प्राथमिक और माध्यमिक का अलग-अगल कैडर होगा। इससे इन स्कूलों को नियमित नियुक्ति के शिक्षक मिलने के साथ ही शिक्षकों की कमी की समस्या दूर होगी। शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए नई सेवा नियमावली जल्द वजूद में आएगी। 


सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध हैं नवोदय विद्यालय
प्रदेश के राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का संचालन शिक्षा विभाग करता है, ये स्कूल सीबीएससी बोर्ड से संबद्ध हैं। स्कूलों में प्रवेश परीक्षा के आधार पर मेधावी छात्र-छात्राओं को एडमिशन मिलता है।  

शिक्षा सचिव व महानिदेशक को शनिवार को विभागीय बैठक में निर्देश दिया गया कि राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए नई सेवानियमावली बनाई जाए। इसके प्रस्ताव को कैबिनेट में लाया जाएगा। अगले दो महीने के भीतर नियमावली वजूद में आ जाएगी। -डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed