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Dehradun News: दून स्कूल और ऑक्सफोर्ड विवि पूर्व छात्र रहे अभिनव ने पत्रकारिता में भी आजमाया था हाथ
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Iमूल रूप से बरेली के रहने वाले हैं नए कार्यवाहक डीजीपी अभिनव
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Iउनकी पत्नी जर्मनी में भारतीय राजनयिक के तौर पर हैं तैनातI
आईपीएस अभिनव कुमार देहरादून के प्रसिद्ध द दून स्कूल के छात्र रहे हैं। 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी लंदन चले गए। वहां से बीए और एमए किया। उसके बाद उन्होंने पत्रकारिता में भी हाथ आजमाया। एक अंग्रेजी पत्रिका में करीब आठ माह तक उन्होंने सेवाएं दीं। यहां के बाद उन्होंने सिविल सर्विस का रास्ता चुना और वर्ष 1996 में आईपीएस बन गए।
आईपीएस अभिनव कुमार मूल रूप से बरेली उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने देहरादून के द दून स्कूल में 1985 से 1989 तक पढ़ाई की थी। ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली में एक एजेंसी हिंदुस्तान थॉमसन एसोसिएट के साथ अपने कॅरिअर की शुरुआत की। दिसंबर 1994 से अप्रैल 1995 तक यहां बतौर कॉपीराइटर काम किया। अप्रैल 1995 से दिसंबर 1996 तक वह एक अंग्रेजी पत्रिका से बतौर पत्रकार जुड़ गए। यहां उन्होंने अपराध रिपोर्टिंग के साथ अन्य क्षेत्रों की भी रिपोर्टिंग की। उनकी पत्नी जर्मनी में भारतीय राजनयिक के तौर पर सेवाएं दे रही हैं।
Iपिछले साल मिला था राष्ट्रपति पुलिस पदकI
अभिनव को करीब 27 साल की पुलिस सेवा में कई अवार्ड भी मिले हैं। उन्हें पिछले गणतंत्र दिवस पर साल ही विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक भी मिला था। इसके अलावा 2012 में सराहनीय के लिए पुलिस पदक, 2007 में राष्ट्रपति की सराहना आदि पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं।
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Iउनकी पत्नी जर्मनी में भारतीय राजनयिक के तौर पर हैं तैनातI
आईपीएस अभिनव कुमार देहरादून के प्रसिद्ध द दून स्कूल के छात्र रहे हैं। 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी लंदन चले गए। वहां से बीए और एमए किया। उसके बाद उन्होंने पत्रकारिता में भी हाथ आजमाया। एक अंग्रेजी पत्रिका में करीब आठ माह तक उन्होंने सेवाएं दीं। यहां के बाद उन्होंने सिविल सर्विस का रास्ता चुना और वर्ष 1996 में आईपीएस बन गए।
आईपीएस अभिनव कुमार मूल रूप से बरेली उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने देहरादून के द दून स्कूल में 1985 से 1989 तक पढ़ाई की थी। ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली में एक एजेंसी हिंदुस्तान थॉमसन एसोसिएट के साथ अपने कॅरिअर की शुरुआत की। दिसंबर 1994 से अप्रैल 1995 तक यहां बतौर कॉपीराइटर काम किया। अप्रैल 1995 से दिसंबर 1996 तक वह एक अंग्रेजी पत्रिका से बतौर पत्रकार जुड़ गए। यहां उन्होंने अपराध रिपोर्टिंग के साथ अन्य क्षेत्रों की भी रिपोर्टिंग की। उनकी पत्नी जर्मनी में भारतीय राजनयिक के तौर पर सेवाएं दे रही हैं।
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Iपिछले साल मिला था राष्ट्रपति पुलिस पदकI
अभिनव को करीब 27 साल की पुलिस सेवा में कई अवार्ड भी मिले हैं। उन्हें पिछले गणतंत्र दिवस पर साल ही विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति का पुलिस पदक भी मिला था। इसके अलावा 2012 में सराहनीय के लिए पुलिस पदक, 2007 में राष्ट्रपति की सराहना आदि पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं।
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