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परफैक्ट टाइमिंग से मिलेगी रफ्तार की जीत
अंशुल डांगी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 22 Dec 2013 11:45 AM IST
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उत्तराखंड की पहाड़ी, सर्पीली सड़कों पर शुरू हुई एडवेंचर कार रैली में परफेक्ट टाइमिंग चालकों की जीत की कहानी तय करेगा। खतरनाक रास्तों पर एक छोटी सी गलती चालक को जीत से दूर कर सकती है।
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उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा दिलाने की उम्मीद से पहली बार आयोजित एडवेंचर कार रैली का रूट अन्य रैलियों के मुकाबले छोटा जरूर है, लेकिन यहां जीत के लिए प्रतिभागियों को जोश के साथ दिमाग से काम लेना होगा।
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रूट पर कहीं भी मिल सकता है टाइम चेकर
दरअसल रैली टाइम स्पीड डिस्टेंस (टीएसडी) पर आधारित है, यानी प्रतिभागियों को निर्धारित स्पीड के साथ ही समय का भी ख्याल रखना होगा। खास बात यह है कि रूट पर टाइम चेकर (टीसी) कहीं भी किसी मोड़ पर मिल सकता है।
हिमाचल प्रदेश से आए प्रतिभागी राजकुमार अबरोला ने बताया कि टीएसडी के तहत अलग-अलग दूरी तय करने के लिए टाइम निर्धारित कर दिया जाता है। निर्धारित टाइम पर पहुंचने पर ही पूरे अंक हासिल होते हैं।
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इस समय से एक मिनट पहले पहुंचें या देरी से अंक काट लिए जाते हैं। यही नहीं, रूट पर बीच में रहने वाले टीसी के पास भी तय समय से पहले या देरी से पहुंचने पर भी अंक कटते हैं। इस दौरान स्पीड भी निर्धारित कर दी जाती है।
खुद खोजेंगे रास्ता, तो मिलेगी मंजिल
एडवेंचर कार रैली की खासियत यह भी है कि इसमें प्रतिभागियों को रूट रैली शुरू होने से महज 10-15 मिनट पूर्व बताया जाता है। यह भी मैप गाइड के रूप में।
इसके साथ ही प्रतिभागियों को टाइम चार्ट दिया गया है, जिसमें हर पड़ाव की दूरी और तय समय लिखा होगा। प्रतिभागियों को खुद की रास्ता खोजना होगा, जिसके बाद ही मंजिल मिल सकेगी।
भटकने की भी आशंका
एडवेंचर रैली में प्रतिभागियों के भटकने की भी आशंका रहती है। शनिवार को भी एक प्रतिभागी गढ़ी कैंट से निकलने के बाद होटल मधुबन का रास्ता भटक गया। काफी देर बाद वह जाखन होते हुए राजपुर रोड स्थित होटल पहुंचा।
‘उत्तराखंड टाइगर’ दे रही दिग्गजों को टक्कर
प्रदेश में पहली बार आयोजित हो रही एडवेंचर कार रैली में विभिन्न कार रैलियों में जलवा बिखेर चुकी दिग्गज टीमों को ‘उत्तराखंड टाइगर’ के प्रतिभागी भी टक्कर दे रहे हैं। टाइगर की पांच अलग-अलग टीमें रैली में शामिल हैं।
दूसरी ओर, रैली में दो महिला चालक भी अपनी ड्राइविंग का हुनर दिखा रही हैं। रैली में नौ राज्यों ने 35 टीमें पहुंची हैं। प्रदेश की पांच टीमें ‘उत्तराखंड टाइगर’ के नाम से प्रतिभाग कर रही हैं।
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टाइगर के आकाश रस्तोगी ने बताया कि टीमों में चार एसयूवी और एक कार श्रेणी में शामिल है। बताया कि टीम के चालकों को रैली का ज्यादा अनुभव नहीं है, लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ी रास्ते जाने-पहचाने हैं लिहाजा जीत का पूरा भरोसा है।
दो महिलाएं भी दिखा रही हुनर
टीम में शामिल कपिल कर्णवाल ने कहा कि रूटों की बेहतर जानकारी होने से उत्तराखंड टाइगर को लाभ हो सकता है। उधर, हिमाचल के कांगड़ा से आए अंकित सूद ने बताया कि यह उनकी तीसरी रैली है।
इससे पहले 15वीं ग्रेट हिमालयाज रैली में वह तीसरे स्थान पर रहे थे। कहा कि उत्तराखंड की कुदरती खूबसूरती के बारे में काफी सुना है। शिमला की ऋचा शर्मा की यह दूसरी कार रैली है।
इससे पहले एक रैली में वह 11वें स्थान पर रही थीं। ऋचा ने बताया कि हिमाचल और उत्तराखंड में ज्यादा अंतर नहीं है। वहां का अनुभव यहां काम आएगा। वह पहली बार उत्तराखंड आई हैं। ऋचा के अलावा गौरी गुप्ता (मध्य प्रदेश) भी रैली में प्रतिभाग कर रही हैं।