{"_id":"66df88f35c00feba22095e14","slug":"adolescent-girls-should-not-hesitate-at-all-about-health-problems-vikas-nagar-news-c-39-1-sdrn1026-114032-2024-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: किशोरियां स्वास्थ्य समस्याओं पर बिल्कुल झिझकें नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: किशोरियां स्वास्थ्य समस्याओं पर बिल्कुल झिझकें नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाल विकास विभाग की ओर से नगर पालिका के टाउन हॉल में सोमवार को सुपोषित किशोरी, सशक्त नारी कार्यक्रम आयोजित किया गया। विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा, किशोरियों को बीमारी को लेकर झिझकना नहीं चाहिए। उन्हें स्वास्थ्य के मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए।
विधायक ने कहा कि आज के दौर में बेटियां अंतरिक्ष तक पहुंच रही हैं। किशोरियों को अपने सोचने और समझने के तरीके में बदलाव लाने की जरूरत है। उन्हें शारीरिक परेशानियों और बीमारियों के लिए झिझक नहीं रखनी चाहिए। खुलकर अपनी परेशानी बतानी चाहिए। ऐसा करने से उन्हें समय पर उपचार मिलेगा और वह स्वस्थ रहेंगी। विधायक ने महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से लगाए गए स्टॉलों में झंगोरे की खीर और दाल की पकौड़ियां चखीं।
विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों, किशोरों व किशोरियों को निशुल्क उपचार की सुविधा दी जाती है। कहा कि केवल सरकारी ही नहीं निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी यह सुविधा मिलती है। आंगनबाड़ी केंद्रों में छात्रों को पोषणयुक्त भोजन के साथ जरूरी फोर्टिफाइड चावल दिए जाते हैं। इनमें बच्चे के शारीरिक विकास के लिए जरूरी सभी पोषक तत्व और विटामिन रहते हैं।
विज्ञापन
अभिभावकों को दी सीख
विधायक ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास की निगरानी करनी चाहिए। बच्चे को चलने, बोलने और देखने के तरीकों पर बारीकी से गौर करने पर समस्याओं का पता चलता है। इससे समय पर काउंसलिंग और उपचार में अभिभावकों को भविष्य की चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ता है। कहा कि विधायक होने के नाते वह क्षेत्र के बच्चों के अभिभावक भी हैं। बच्चों का समुचित विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधा उपलब्ध करवाना उनकी जिम्मेदारी है। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख विकासनगर जसविंदर सिंह बिट्टू, अधिशासी अधिकारी विकासनगर बीपी भट्ट, जितेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विधायक ने कहा कि आज के दौर में बेटियां अंतरिक्ष तक पहुंच रही हैं। किशोरियों को अपने सोचने और समझने के तरीके में बदलाव लाने की जरूरत है। उन्हें शारीरिक परेशानियों और बीमारियों के लिए झिझक नहीं रखनी चाहिए। खुलकर अपनी परेशानी बतानी चाहिए। ऐसा करने से उन्हें समय पर उपचार मिलेगा और वह स्वस्थ रहेंगी। विधायक ने महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से लगाए गए स्टॉलों में झंगोरे की खीर और दाल की पकौड़ियां चखीं।
विज्ञापन
विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों, किशोरों व किशोरियों को निशुल्क उपचार की सुविधा दी जाती है। कहा कि केवल सरकारी ही नहीं निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी यह सुविधा मिलती है। आंगनबाड़ी केंद्रों में छात्रों को पोषणयुक्त भोजन के साथ जरूरी फोर्टिफाइड चावल दिए जाते हैं। इनमें बच्चे के शारीरिक विकास के लिए जरूरी सभी पोषक तत्व और विटामिन रहते हैं।
विज्ञापन
अभिभावकों को दी सीख
विधायक ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास की निगरानी करनी चाहिए। बच्चे को चलने, बोलने और देखने के तरीकों पर बारीकी से गौर करने पर समस्याओं का पता चलता है। इससे समय पर काउंसलिंग और उपचार में अभिभावकों को भविष्य की चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ता है। कहा कि विधायक होने के नाते वह क्षेत्र के बच्चों के अभिभावक भी हैं। बच्चों का समुचित विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधा उपलब्ध करवाना उनकी जिम्मेदारी है। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख विकासनगर जसविंदर सिंह बिट्टू, अधिशासी अधिकारी विकासनगर बीपी भट्ट, जितेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।