Adi Kailash Yatra 2023: अक्तूबर से फिर शुरू होगी दो महीने से बंद आदि कैलाश यात्रा, इसलिए लगी थी रोक
Adi Kailash Yatra 2023 : कुमाऊं मंडल विकास निगम चार मई से आदि कैलाश यात्रा शुरू करता है। मानसून काल में यात्रा मार्ग के बार-बार बंद होने के कारण जुलाई और अगस्त में यात्रा को बंद कर दिया था।
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दो महीने से बंद आदि कैलाश यात्रा फिर शुरू हो रही है। कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) अक्तूबर से यात्रा को फिर शुरू करने की तैयारी कर रहा है। मानसूनकाल में तवाघाट-लिपुलेख सड़क के बंद होने के बाद केएमवीएन आवेदन कर चुके यात्रियों को यात्रा नहीं करा पाया था। इस समय सिर्फ प्राइवेट टूर ऑपरेटर के दल यात्रा के लिए आ रहे हैं।
कुमाऊं मंडल विकास निगम चार मई से आदि कैलाश यात्रा शुरू करता है। मानसून काल में यात्रा मार्ग के बार-बार बंद होने के कारण जुलाई और अगस्त में यात्रा को बंद कर दिया था। अब जगह-जगह खराब हुई चीन सीमा और आदि कैलाश यात्रा मार्ग को ठीक करने का कार्य किया जा रहा है। केएमवीएन के महाप्रबंधक एपी वाजपेयी का कहना है कि सितंबर अंतिम सप्ताह तक सड़क के ठीक होने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में यात्रा अक्तूबर से शुरू कर दी जाएगी।
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इस साल 223 श्रद्धालु कर चुके हैं यात्रा
वर्ष 2023 में चार मई से शुरू हुई यात्रा के दौरान केएमवीएन ने 223 पर्यटकों को आदि कैलाश, ओम पर्वत, पार्वती सरोवर और कालापानी के दर्शन कराए थे। प्राइवेट टूर ऑपरेटर ने भी करीब दो हजार से अधिक लोगों को यात्रा कराई।
अब नहीं चलना पड़ता पैदल
केएमवीएन ने वर्ष 1991 में आदि कैलाश यात्रा शुरू की थी। तब यात्रियों को धारचूला से आदि कैलाश तक सात से आठ पड़ाव पैदल चलकर आदि कैलाश पहुंचना पड़ता था। वर्ष 2019 में बीआरओ के चीन सीमा तक सड़क बनाने के बाद वर्ष 2022 में आदि कैलाश यात्रा वाहन से शुरू हो पाई। अब यात्रियों को पैदल नहीं चलना पड़ता है।
धारचूला में बनने लगे इनर लाइन परमिट
धारचूला एसडीएम कार्यालय में इनर लाइन परमिट बनने शुरू हो गए हैं। वर्षाकाल में यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए एसडीएम कार्यालय ने इनर लाइन परमिट जारी करने बंद कर दिए थे। उधर, दो महीने बाद प्राइवेट टूर ऑपरेटर का पहला दल आदि कैलाश यात्रा के लिए पर्यटक आवास गृह पिथौरागढ़ पहुंचा। यात्रा दल में शामिल 32 लोगों का भव्य स्वागत किया गया। पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने यात्रियों को हिमालय बचाओ अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई।