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17 दिसंबर को होगा जेपी जोशी का फैसला

Fri, 13 Dec 2013 01:48 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 13 Dec 2013 01:48 PM IST
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additional secretary jp joshi molestation case

यौन शोषण प्रकरण में अपर सचिव जेपी जोशी की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी। गुरुवार को जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई थी।

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इससे पहले यौन शोषण प्रकरण में अपर सचिव जेपी जोशी की जमानत याचिका पर सुनवाई फिर टल गई थी और जिला जज की अदालत में सुनवाई शुक्रवार को होनी थी।

गुरुवार को अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने पर मामले में अगली तारीख लगा दी गई। इस मामले में दो बार पहले भी सुनवाई टल चुकी है। गुरुवार अधिवक्ता वेद प्रकाश वर्मा के निधन के चलते अधिवक्ता कार्य से विरत रहे।
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इसके साथ ही नैनीताल हाईकोर्ट ने अपर सचिव यौन शोषण प्रकरण में जोशी को ब्लैकमेलिंग करने के मामले में पीड़िता की गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है।
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आत्मसर्पण करने के निर्देश
युवती को सात दिन के भीतर संबंधित न्यायालय में आत्मसर्पण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जमानत याचिका पर भी जल्द सुनवाई करने को कहा है। गुरुवार को न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की प्रार्थना की थी। याचिका में कहा गया कि जेपी जोशी ने 22 नवंबर, 2013 को थाना बसंत विहार में दर्ज एफआईआर में कहा था कि पीड़िता एवं उसके दो साथी मोबाइल नंबर से उसे लगातार फोन पर धमकी देकर गोपनीय दस्तावेज एवं रुपयों की मांग कर रहे हैं।

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याचिका में कहा गया कि उसे किसी गंभीर अपराध में संलिप्त करने की भी धमकी दी जा रही है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए युवती को सात दिन के भीतर संबंधित कोर्ट में आत्मसर्पण करने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि सचिवालय में तैनात रहे और अब निलंबित अपर सचिव जेपी जोशी पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली युवती को पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के आरोप में पूर्व में गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में उसको बसंत बिहार थाने से 25 हजार का बेल बांड जमा करने पर रिहा कर दिया गया था।

रितु कांडियाल को भी राहत नहीं
हाईकोर्ट ने जोशी यौन शोषण प्रकरण में कथित तौर पर पीड़िता को जोशी से मिलाने वाली युवती रितु कंडियाल की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए शिकायतकर्ता सहित अन्य विपक्षीगणों को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।


न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी रितु ने हाईकोर्ट में अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की थी।

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याचिका में कहा गया कि जेपी जोशी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में पीड़िता ने कहा था कि रितु कांडियाल ने ही उसे नौकरी के संबंध में सचिवालय में तैनात अपर सचिव जेपी जोशी से मिलवाया था।

याचिकाकर्ता ने इस मामले में अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की प्रार्थना की थी। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने गिरफ्तारी पर रोक से इंकार करते हुए शिकायतकर्ता सहित अन्य विपक्षीगणों को जवाब दाखिल करने को कहा है।

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