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उत्तराखंड: उच्चशिक्षा मंत्री को झटका, 588 करोड़ का प्रोजेक्ट नामंजूर
Tue, 08 Jan 2019 09:41 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 08 Jan 2019 09:41 AM IST
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dhan singh rawat
- फोटो : amarujala
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प्रदेश के 102 राजकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भेजे गए एडीबी के 588 करोड़ के प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने अस्वीकार कर दिया है। एडीबी के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी न मिलने से प्रदेश के उच्चशिक्षा मंत्री को झटका लगा है। उच्चशिक्षा मंत्री की ओर से इस प्रोजेक्ट के माध्यम से महाविद्यालयों की दशा सुधारने के तमाम दावे किए गए थे और इसका काफी प्रचार भी किया गया था।
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उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. धनसिंह रावत के निर्देश पर उच्चशिक्षा निदेशालय ने एडीबी से 588 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद का प्रोजेक्ट जून 2018 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय और आर्थिक मामले विभाग वित्त मंत्रालय भारत सरकार को भेजा गया था। पैरवी करने के लिए शासन ने जुलाई में तत्कालीन सहायक निदेशक उच्चशिक्षा डॉ. अनुराग अग्रवाल को नियुक्त भी किया लेकिन सितंबर में उनका तबादला कोटद्वार महाविद्यालय में कर दिया गया। तब से इसकी प्रभावी पैरवी नहीं हो सकी जबकि उच्चशिक्षा निदेशालय में वर्तमान में दस से अधिक अधिकारी नियुक्त हैं।
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इधर, मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय में इस प्रोजेक्ट को लेकर बैठकों का भी दौर चला मगर नतीजा कुछ नहीं निकला। भारत सरकार के आर्थिक कार्य विभाग वित्त मंत्रालय की ओर से शासन को भेजे गए पत्र में इस प्रोजेक्ट को अस्वीकृत करने की जानकारी दी गई है। महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में एडीबी से निर्माण कार्यों के लिए धनराशि प्रदान नहीं की जा सकती। आर्थिक कार्य विभाग वित्त मंत्रालय ने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को अस्वीकृत करते हुए इन परियोजनाओं के लिए विश्व बैंक अथवा बहुपक्षीय विकास बैंक से धनराशि प्राप्त करने का सुझाव दिया है।
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एसीएस ने डा. अनुराग को सौंपी जिम्मेदार
हल्द्वानी। एडीबी के प्रोजेक्ट के नामंजूर होने के बाद अपर मुख्य सचिव डॉ. रणबीर सिंह ने नये सिरे से प्रोजेक्ट तैयार कराने के आदेश उच्चशिक्षा निदेशक को दिए हैं। अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि विश्व बैंक से सहायता लेने के लिए भारत सरकार को पुन: प्रोजेक्ट भेजा जाएगा। उच्चशिक्षा निदेशालय को भेजे पत्र में विश्व बैंक से सहायता प्राप्त किए जाने के लिए कोटद्वार महाविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डा. अनुराग अग्रवाल को कार्यवाही करने के लिए नियुक्त किया गया है।
अब एक हजार करोड़ का बनेगा प्रस्ताव
उच्चशिक्षा निदेशक डॉ. बीसी मेलकानी ने बताया कि शासन के निर्देश पर अब एक हजार करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है तथा प्रोजेक्ट जल्द ही शासन को भेज दिया जाएगा।