'स्विट्जरलैंड से कम नहीं हैं पौड़ी की वादियां'
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सिने अभिनेता और निर्माता टीनू आनंद को संस्कृति नगरी पौड़ी की वादियां खूब भाई। कहा कि सुविधाएं होने पर यहां फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। लगता है सुविधाओं की कमी, प्रचार प्रसार का अभाव इस शहर को अलग पहचान नहीं दे पाया।
हिंदी धारावाहिक ‘अपना-पराया’ की शूटिंग के लिए पौड़ी पहुचे सिने अभिनेता टीनू आनंद ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह शूटिंग के लिए नैनीताल, सिक्किम समेत कई हिल स्टेशनों में जा चुके हैं, लेकिन यहां की सुंदरता से वह काफी प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा कि मौसम अनुकूल न होने के कारण वह पौड़ी से लंबी रेंज तक झलकने वाली हिमालय की पर्वत श्रंखलाओं का दीदार नहीं कर पाए। इसका उन्हें मलाल है।
अगर यहां अच्छी सुविधाएं मिलें तो फिल्म निर्माण के लिए स्विट्जरलैंड जैसी जगहों पर जाने की जरूरत नहीं है। इस शहर को नयी पहचान देने के लिए यहां बुनियादी सुविधाएं जुटाने की दिशा में ध्यान देने जरूरत है।
सीरियल में दिखेगी अपनी संस्कृति की झलक
अभिनेता टीनू आनंद ने कहा कि अपना-पराया सीरियल दर्शकों को अच्छा संदेश देगा। 107 फिल्मों में काम कर चुके और शहनशाह, कालिया, मैं आजाद हूं समेत कई फिल्में बना चुके टीनू आनंद ने कहा कि इस धारावाहिक में वह नायिका के पिता की भूमिका निभा रहे हैं जो एक पुजारी हैं। उनकी चार बेटियां हैं। एक बेटी की शादी नहीं हो रही है।
अपना-पराया धारावाहिक की मुख्य नायिका की भूमिका अदा कर रही भावना बड़थ्वाल ने कहा कि धारावाहिक में काम करने से उन्हें काफी अनुभव मिल रहा है।
इसमें बाहर बसे उत्तराखंड के लोगों को अपनी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। भावना गढ़वाली और जौनसारी वीडियो एलबम में काम कर चुकी है। उन्होंने बताया कि इस धारावाहिक में कई स्थानीय कलाकारों को मौका मिल रहा है।