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लापरवाह अधिकारियों और अभियंताओं पर होगी कार्रवाई
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निर्धारित समय में कनेक्शन नहीं देने पर यूपीसीएल को 18.65 करोड़ का भुगतान करना पड़ा था। यह रकम राज्य विद्युत नियामक आयोग भुगतान की जा चुकी है। इस मामले में महालेखा परीक्षक की दखल के साथ ही यूपीसीएल लापरवाह अधिकारियों और अभियंताओं पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
विद्युत अधिनियम के तहत बिजली विभाग को उपभोक्ताओं को एक निश्चित अवधि के भीतर बिजली कनेक्शन देना होता है। यदि तमाम जरूरी दस्तावेज मुहैया कराए जाने के बावजूद कनेक्शन नहीं दिया जाता है तो यूपीसीएल पर प्रति एक हजार रुपये पर 10 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुमाना लगाया जाता है। इसी के तहत राज्य विद्युत नियामक आयोग ने साल 2009-10 से लेकर 2018- 19 के बीच हजारों उपभोक्ताओं को समय पर बिजली कनेक्शन नहीं देने पर यूपीसीएल पर 18.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसका यूपीसीएल भुगतान भी कर चुका है। इस मामले में महालेखा परीक्षक ने भी यूपीसीएल अधिकारियों, कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। महालेखा परीक्षक के अनुसार अधिकारियों और अभियंताओं की लापरवाही की वजह से यूपीसीएल को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
जिम्मेदार अफसरों, अभियंताओं पर होगी कार्रवाई
यूपीसीएल के मुख्य अभियंता मुख्यालय एके सिंह का कहना है कि जिन अधिकारियों, अभियंताओं की लापरवाही से भारी भरकम नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे लापरवाह अधिकारियों, अभियंताओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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विद्युत अधिनियम के तहत बिजली विभाग को उपभोक्ताओं को एक निश्चित अवधि के भीतर बिजली कनेक्शन देना होता है। यदि तमाम जरूरी दस्तावेज मुहैया कराए जाने के बावजूद कनेक्शन नहीं दिया जाता है तो यूपीसीएल पर प्रति एक हजार रुपये पर 10 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुमाना लगाया जाता है। इसी के तहत राज्य विद्युत नियामक आयोग ने साल 2009-10 से लेकर 2018- 19 के बीच हजारों उपभोक्ताओं को समय पर बिजली कनेक्शन नहीं देने पर यूपीसीएल पर 18.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसका यूपीसीएल भुगतान भी कर चुका है। इस मामले में महालेखा परीक्षक ने भी यूपीसीएल अधिकारियों, कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। महालेखा परीक्षक के अनुसार अधिकारियों और अभियंताओं की लापरवाही की वजह से यूपीसीएल को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
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जिम्मेदार अफसरों, अभियंताओं पर होगी कार्रवाई
यूपीसीएल के मुख्य अभियंता मुख्यालय एके सिंह का कहना है कि जिन अधिकारियों, अभियंताओं की लापरवाही से भारी भरकम नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे लापरवाह अधिकारियों, अभियंताओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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