मकर सक्रांति पर खुलेंगे आदिबदरी धाम के कपाट
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मकर सक्रांति के पावन पर्व पर पंच बदरियों में से पहले बदरी आदिबदरी धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। धाम के कपाट वर्ष भर में एक माह (केवल पौष माह) के लिए कपाट बंद रहते हैं।
कपाटोद्घाटन समारोह के आयोजन की तैयारियां मंदिर समिति ने पूरी कर ली है। समारोह का आयोजन 14 जनवरी से 24 जनवरी तक संचालित किया जाएगा। समारोह का उद्घाटन विधानसभा उपाध्यक्ष डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी करेंगे।
रविवार को आयोजित बैठक में समारोह संचालन के लिए बनाई गई उपसमीतियों के तहत सांस्कृतिक उपसमिति के संयोजक की जिम्मेदारी डॉ. ताजवर सिंह पडियार और त्रिलोक सिंह खत्री को दी गई। जबकि क्रीडा उपसमिति के संयोजक कुशलजीत सिंह और भागवत भण्डारी को बनाया गया।
अनुष्ठानिक उपसमिति के संयोजक की जिम्मेदारी नरेन्द्र सिंह चाकर, मदन मोहन बहुगुणा और नन्दा सिंह पंवार को दी गई। गोष्ठी और सम्मेलन संयोजन की जिम्मेदारी श्री भुवनेश्वरी महिला आश्रम को सोंपा गया है। मंदिर समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी और महासचिव गैंणा सिंह ने बताया कि श्री आदिबदरी नाथ जी के मुख्य मन्दिर को भव्य रूप से सजाया जाएगा।
सजेगा मंदिर, होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
मंदिर कपाटोद्घाटन के बाद रामलीला मैदान में विद्यालयों और उत्तराखण्ड संस्कृति विभाग के कलाकारों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा मन्दाकिनी क्लब द्वारा चक्रव्यूह मंचन और क्षेत्रीय ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत पाण्डव नृत्य, जागर, चोंफुला के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं वी0पी0 नवानी मेमोरियल जिला स्तरीय बालीवाल प्रतियोगिता का आयोजन भी रखा गया है।
ब्रह्म मूहूर्त में खुलेंगे कपाट
धार्मिक परंपराओं के अनुसार धाम के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में सुबह साढ़े चार बजे खुलेंगे। जिसके बाद पुजारी चक्रधर थपलियाल सहित अन्य पुजारियों द्वारा भगवान आदिबदरीनाथ का महाभिषेक अनुष्ठान संपन्न किया जाएगा। जिसके बाद क्षेत्रीय ग्रामीणों भगवान आदिबदरी नाथ को कड़ाह भोग लगाया जाएगा। वहीं मंदिर प्रांगण में ग्यारह दिवसीय महाभिषेक समारोह शुरू होगा। जिसमें मुख्य कथावाचक सुरेंद्र प्रसाद कोठियाल होंगे।