बांटने के बजाय, रद्दी में बेच दिए आधार कार्ड
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लोग अपना कीमती समय निकालकर और घंटों लाइन में लगकर आधार कार्ड बनवाने के लिए जूझ रहे हैं। सरकार भी इस मुहिम को जोरशोर से चला रही है, लेकिन इस सरकारी मुहिम को कैसे पलीता लगाया जा रहा है इसका उदाहरण यहां काशीपुर में देखने को मिला।
सड़क हादसे में पलटे रद्दी भरे ट्रक में बोरों में भरे सैकड़ों आधार कार्ड मिले हैं, जिन्हें देख अधिकारी भी हैरत में हैं। ये आधारकार्ड गुड़गांव में बने हैं। आशंका जताई जा रही है कि वहां के डाककर्मियों ने इन आधारकार्डों को लोगों को बांटने के बजाय रद्दी में बेच दिया होगा।
हालांकि, मामले की तफ्तीश करने पुलिस गुड़गांव जाएगी। बताया जा रहा है कि इस रद्दी में दिल्ली पुलिस की फाइलें तथा बीएसएनएल के महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं।
ओवरटेक करते वक्त पलट गया ट्रक
दिल्ली से रद्दी लेकर आ रहा यह ट्रक गुरुवार को काशीपुर में अलीगंज रोड स्थित एक पेपर मिल में आ रहा था और पैगा पुलिस चौकी के पास ट्रैक्टर ट्रॉली को ओवरटेक करने के चक्कर में पलट गया।
जब पलटे हुए ट्रक को देखा गया तो उसमें बोरियों में भरे सैकड़ों आधार कार्ड, बीएसएनएल के दस्तावेज व बिल, दिल्ली पुलिस की महत्वपूर्ण फाइलें, एअरटेल के बिल और आईडी समेत कई अन्य कागजात मिले हैं।
लोगों का कहना है कि घंटों लाइन पर खड़े होकर जनता आधार कार्ड बनवाने के लिए जूझती है। टेलीफोन बिलों के लिए कार्यालयों में चक्कर लगाती है, लेकिन कुछ विभाग ऐसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को रद्दी में बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस से रिपोर्ट मंगाई गई है। महत्वपूर्ण दस्तावेजों को गुड़गांव भिजवाया जाएगा ताकि पता चल सके कि किसकी लापरवाही से दस्तावेज रद्दी में आए। दोषी कर्मचारियों को दंडित करने को लिखा जाएगा।
- डॉ. आशीष श्रीवास्तव, एसडीएम