{"_id":"6ae9dba15f851f32f6074d51","slug":"a-system-will-be-created-to-solve-the-problems-of-workers-dehradun-news-c-5-drn1043-1105166-2026-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: वीबी जी राम जी श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द बनेगा सिस्टम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: वीबी जी राम जी श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द बनेगा सिस्टम
विज्ञापन
वीबी जी राम जी श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द बनेगा सिस्टम
- शिकायत निवारण नियम, 2026 केंद्र के द्वारा अधिसूचित करने के बाद उत्तराखंड सक्रिय
- केंद्र सरकार ने दो नवंबर को शिकायत निवारण नियम, 2026 किए हैं अधिसूचित
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही एक प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जाएगा। इस ढांचे का उद्देश्य श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण करना है। इसमें 15 दिनों के अंदर समस्याओं को हल करने का प्रावधान होगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया गया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। यह अधिसूचना इस प्रशासनिक ढांचे के निर्माण का आधार बनी है।
योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले श्रमिक कई बार मांगने के समय काम न मिलने की शिकायत करते हैं। कई बार सिस्टम या नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न होने या भुगतान में देरी होने की समस्या भी आती है। केंद्र सरकार ने ऐसी किसी भी समस्या को समाप्त करने के लिए राज्यों को सिस्टम तैयार करने का निर्देश दिया है।
-- -
डार्क जोन में भौतिक उपस्थिति दर्ज करना स्वीकार्य
वीबी जी राम जी योजना में श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन उत्तराखंड के अनेक ऐसे हिस्से हैं जहां किसी भी कंपनी का नेटवर्क काम नहीं करता। ऐसे में श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने और उनका भुगतान कराने में समस्या होती है। सरकार और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे स्थानों पर श्रमिकों की लिखित तौर पर भौतिक उपस्थिति मान्य होगी।
विज्ञापन
-- -
श्रमिक और मैटेरियल में खर्च का अनुपात 60:40 में छूट
ग्राम्य विकास विभाग मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि योजना में श्रमिकों के भुगतान और मैटेरियल में लगने वाले खर्च का अनुपात 60:40 रखने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य किसी भी योजना में ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को कार्य देना है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह अनुपात जिले के स्तर पर बनाए रखना अनिवार्य है लेकिन ग्राम या ब्लॉक के स्तर पर कार्य कराने के लिए आवश्यकतानुसार यह अनुपात बदला जा सकता है। इसे 80:20, 90:10 या 100:00 (ऐसे मरम्मत वाले कार्य जहां मैटेरियल लागत की कोई आवश्यकता न हो) तक भी किया जा सकता है।
-- -
केंद्र ने क्या नियम बनाया
केंद्र सरकार ने दो नवंबर को शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित कर दिया। इसके अंतर्गत वीबी जी राम जी श्रमिक अपनी समस्याएं उठा सकेंगे। शिकायत स्वयं उपस्थित होकर, स्पीड पोस्ट की डाक से, डिजिटल तरीके से किया जा सकेगा। इसकी एक सप्ताह के अंदर जांच और 15 दिन में समाधान करना अनिवार्य होगा। अपील से संतुष्ट न होने पर अपील की जा सकेगी।
-- --
कोट-- -
केंद्र और उत्तराखंड सरकार ने श्रमिकों के हितों के लिए अनेक कदम उठाए हैं। वीबी जी राम जी योजना में श्रमिकों को ज्यादा दिनों तक काम करने का अवसर दिया गया है। श्रमिकों की कोई भी समस्या होगी, उसे तुरंत हल करने के लिए सरकार तत्पर है। इसका औपचारिक ढांचा जल्द ही आकार लेगा। - भरत सिंह चौधरी, ग्राम्य विकास विभाग मंत्री, उत्तराखंड
विज्ञापन
- शिकायत निवारण नियम, 2026 केंद्र के द्वारा अधिसूचित करने के बाद उत्तराखंड सक्रिय
- केंद्र सरकार ने दो नवंबर को शिकायत निवारण नियम, 2026 किए हैं अधिसूचित
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही एक प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जाएगा। इस ढांचे का उद्देश्य श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण करना है। इसमें 15 दिनों के अंदर समस्याओं को हल करने का प्रावधान होगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय केंद्र सरकार द्वारा लिया गया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। यह अधिसूचना इस प्रशासनिक ढांचे के निर्माण का आधार बनी है।
योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले श्रमिक कई बार मांगने के समय काम न मिलने की शिकायत करते हैं। कई बार सिस्टम या नेटवर्क की समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न होने या भुगतान में देरी होने की समस्या भी आती है। केंद्र सरकार ने ऐसी किसी भी समस्या को समाप्त करने के लिए राज्यों को सिस्टम तैयार करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
डार्क जोन में भौतिक उपस्थिति दर्ज करना स्वीकार्य
वीबी जी राम जी योजना में श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन उत्तराखंड के अनेक ऐसे हिस्से हैं जहां किसी भी कंपनी का नेटवर्क काम नहीं करता। ऐसे में श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने और उनका भुगतान कराने में समस्या होती है। सरकार और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे स्थानों पर श्रमिकों की लिखित तौर पर भौतिक उपस्थिति मान्य होगी।
विज्ञापन
श्रमिक और मैटेरियल में खर्च का अनुपात 60:40 में छूट
ग्राम्य विकास विभाग मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि योजना में श्रमिकों के भुगतान और मैटेरियल में लगने वाले खर्च का अनुपात 60:40 रखने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य किसी भी योजना में ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों को कार्य देना है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह अनुपात जिले के स्तर पर बनाए रखना अनिवार्य है लेकिन ग्राम या ब्लॉक के स्तर पर कार्य कराने के लिए आवश्यकतानुसार यह अनुपात बदला जा सकता है। इसे 80:20, 90:10 या 100:00 (ऐसे मरम्मत वाले कार्य जहां मैटेरियल लागत की कोई आवश्यकता न हो) तक भी किया जा सकता है।
केंद्र ने क्या नियम बनाया
केंद्र सरकार ने दो नवंबर को शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित कर दिया। इसके अंतर्गत वीबी जी राम जी श्रमिक अपनी समस्याएं उठा सकेंगे। शिकायत स्वयं उपस्थित होकर, स्पीड पोस्ट की डाक से, डिजिटल तरीके से किया जा सकेगा। इसकी एक सप्ताह के अंदर जांच और 15 दिन में समाधान करना अनिवार्य होगा। अपील से संतुष्ट न होने पर अपील की जा सकेगी।
कोट
केंद्र और उत्तराखंड सरकार ने श्रमिकों के हितों के लिए अनेक कदम उठाए हैं। वीबी जी राम जी योजना में श्रमिकों को ज्यादा दिनों तक काम करने का अवसर दिया गया है। श्रमिकों की कोई भी समस्या होगी, उसे तुरंत हल करने के लिए सरकार तत्पर है। इसका औपचारिक ढांचा जल्द ही आकार लेगा। - भरत सिंह चौधरी, ग्राम्य विकास विभाग मंत्री, उत्तराखंड