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Dehradun News: अस्पताल में पंजीकरण, जांच शुल्क जमा करने का एक ही काउंटर
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। उप जिला अस्पताल में पंजीकरण, जांच शुल्क जमा करवाने और फार्मेसी का एक ही काउंटर है। वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को आम मरीजों के साथ ही काउंटरों पर खड़ा होना पड़ता है। इससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
उप जिला अस्पताल में रोजाना 500 से 550 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें जौनसार बावर और विकासनगर के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की संख्या सबसे अधिक रहती है। जौनसार बावर के कई मरीज 50 से 100 किलोमीटर की दूरी तय कर अस्पताल में पहुंचते हैं। इनमें कई वरिष्ठ नागरिक और महिलाएं भी शामिल होती हैं। अस्पताल में पंजीकरण, जांच शुल्क जमा करने और फार्मेसी के लिए एक ही काउंटर होने से खासकर अत्याधिक उम्र वाले मरीजों और गर्भवतियों को परेशानी उठानी पड़ती है। जबकि अन्य सरकारी अस्पतालों में वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था है।
अस्पताल में नए काउंटर बनाने के लिए जगह नहीं है। कर्मचारियों का भी अभाव है। अस्पताल के काउंटरों के बाहर वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को पंजीकरण, जांच शुल्क जमा करने और फार्मेसी से दवा लेने में प्राथमिकता देने के लिए जागरूकता सूचना चस्पा कर दी जाएगी।
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डॉ. विजय सिंह, सीएमएस, उप जिला अस्पताल
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उप जिला अस्पताल में रोजाना 500 से 550 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें जौनसार बावर और विकासनगर के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की संख्या सबसे अधिक रहती है। जौनसार बावर के कई मरीज 50 से 100 किलोमीटर की दूरी तय कर अस्पताल में पहुंचते हैं। इनमें कई वरिष्ठ नागरिक और महिलाएं भी शामिल होती हैं। अस्पताल में पंजीकरण, जांच शुल्क जमा करने और फार्मेसी के लिए एक ही काउंटर होने से खासकर अत्याधिक उम्र वाले मरीजों और गर्भवतियों को परेशानी उठानी पड़ती है। जबकि अन्य सरकारी अस्पतालों में वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए अलग से काउंटर की व्यवस्था है।
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अस्पताल में नए काउंटर बनाने के लिए जगह नहीं है। कर्मचारियों का भी अभाव है। अस्पताल के काउंटरों के बाहर वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को पंजीकरण, जांच शुल्क जमा करने और फार्मेसी से दवा लेने में प्राथमिकता देने के लिए जागरूकता सूचना चस्पा कर दी जाएगी।
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डॉ. विजय सिंह, सीएमएस, उप जिला अस्पताल