फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   A senior manager of a private company was duped of Rs 60 lakh in the name of investment

Dehradun News: निवेश के नाम पर निजी कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक से 60 लाख रुपये की ठगी

Sun, 08 Jun 2025 11:54 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 08 Jun 2025 11:54 PM IST
विज्ञापन
A senior manager of a private company was duped of Rs 60 lakh in the name of investment
Iपिछले साल नवंबर में आया था पीड़ित को व्हाट्सएप पर मैसेज
विज्ञापन

I
Iशेयर ब्रॉकिंग कंपनी शेरखान का नाम लेकर लिया प्रबंधक को विश्वास मेंI
Iशेयर बाजार में निवेश कराने का झांसा देकर एक निजी कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक से साइबर ठगों ने 60.32 लाख रुपये ठग लिए। साइबर ठगों ने उन्हें नामचीन शेयर ब्रॉकिंग कंपनी शेरखान का नाम लेकर विश्वास में लिया था।I
Iदावा किया था कि उन्हें हर रोज 15 से 20 प्रतिशत का लाभ होगा। इस पर वह निवेश के नाम पर रुपये विभिन्न खातों में जमा करते रहे। मगर, इसमें से निकाल एक भी रुपया नहीं पाए। मामले में एफकॉन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक अनूप मलिक ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें 18 नवंबर 2024 को व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया था। मैसेज करने वाली एक महिला थी, जिसने खुद को शेरखान कंपनी की वित्तीय सहायक बताया। उसने इसी नाम से एक एप भी डाउनलोड करने के लिए कहा। इसके लिए उसने एक लिंक भेजा, जिसे क्लिक करने पर एप डाउनलोड हो गया।I
विज्ञापन

Iइस पर उनका एक कथित डीमेट अकाउंट भी खोला गया। इसमें दिए गए खाते में मलिक ने शुरुआत में 65 हजार रुपये जमा किए। जबकि, सर्विस चार्ज आदि के नाम पर 99 रुपये मांगे गए। उन्होंने कथित रूप से इस फर्जी एप पर शेयर ट्रेडिंग शुरू की। यहां उन्हें इस राशि पर भारी भरकम लाभ भी दर्शाया गया। इसके बाद उन्हें लगातार मैसेज आते रहे। इन मैसेज में उनसे विभिन्न शेयरों को खरीदने और बेचने के बारे में बताया जाने लगा। उन्हें एप पर लगातार लाभ दर्शाया जा रहा था तो वह भी लालच में आ गए। उन्होंने ठगों के कहने पर और भी रकम खातों में जमा कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

I
Iमार्च 2025 तक उन्होंने साइबर ठगों के खातों में कुल 60.32 लाख रुपये जमा कर दिए। इसका उन्हें करोड़ों रुपये लाभ दर्शाया गया, लेकिन जब मलिक ने यह रकम निकालनी चाही तो कहा गया कि जब तक 20 फीसदी सर्विस चार्ज नहीं देंगे तब तक रुपये नहीं निकाल सकते हैं। इस तरह उनसे 30 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया। इस पर उन्होंने इन्कार कर दिया। सीओ साइबर अंकुश मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की ओर से जो बैंक खाते और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए हैं उनकी जांच की जा रही है।I
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article