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Dehradun News: दून अस्पताल में माॅक ड्रिल कर परखी गई सतर्कता
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निक्कू वार्ड से बच्चा चोरी और बम धमाके की धमकी पर अलर्ट दिखा स्टाफ
दून अस्पताल की सतर्कता एवं चिकित्सा सुविधाएं परखने के लिए सोमवार को मॉक ड्रिल की गई। इसमें इमरजेंसी में आग, निक्कू वार्ड से बच्चा चोरी, बम धमाके की धमकी, मरीज को हृदयघात, बाहरी आपदा आदि को लेकर तैयारी परखीं गई। इमरजेंसी से निपटने के लिए अलग-अलग कोड वर्ड निर्धारित हैं। यह कोड एनाउंस कर स्टाफ को अलर्ट किया गया। रेड कोड आग से निपटने तो पिंक कोड बच्चा चोरी होने पर एनाउंस किया गया।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के निर्देशानुसार दून मेडिकल कॉलेज, अस्पताल में रोगी सुरक्षा सप्ताह के तहत सोमवार को मॉकड्रिल हुई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना के निर्देशन और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग अग्रवाल की अगुवाई में इमरजेंसी मेडिकल विभाग में माॅक ड्रिल की गई। इस दौरान आपात स्थितियों में इमरजेंसी में तैनात स्टाफ की मुस्तैदी को परखा गया। इमरजेंसी में आग, निक्कू वार्ड से बच्चा चोरी, बम धमाके की धमकी, मरीज को हृदयघात, बाहरी आपदा आदि को लेकर तैयारी परखीं गई।
इन सभी परिस्थितियों को रंग के हिसाब से विभाजित किया गया था। कोड ब्लू में हृदयगति रुक जाने के बाद होने वाले सीपीआर का ड्रिल करके रोगी को शाक के जरिए उसकी जान बचाई गई। इसके अलावा कोड रेड के तहत अग्निशमन दस्ते के साथ आग में फंसे हुए मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बच्चों के वार्ड से गुम हुए नवजात के लिए कोड पिंक के तहत चाइल्ड सिक्योरिटी प्रोटोकाल को एक्टिव किया गया। इस मॉकड्रिल में सीपीआर टीम के साथ ही इमरजेंसी मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, सर्जरी विभाग के सीनियर व जूनियर रेजीडेंट और इमरजेंसी मेडिकल आफिसर व नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहा।
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दून अस्पताल की सतर्कता एवं चिकित्सा सुविधाएं परखने के लिए सोमवार को मॉक ड्रिल की गई। इसमें इमरजेंसी में आग, निक्कू वार्ड से बच्चा चोरी, बम धमाके की धमकी, मरीज को हृदयघात, बाहरी आपदा आदि को लेकर तैयारी परखीं गई। इमरजेंसी से निपटने के लिए अलग-अलग कोड वर्ड निर्धारित हैं। यह कोड एनाउंस कर स्टाफ को अलर्ट किया गया। रेड कोड आग से निपटने तो पिंक कोड बच्चा चोरी होने पर एनाउंस किया गया।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के निर्देशानुसार दून मेडिकल कॉलेज, अस्पताल में रोगी सुरक्षा सप्ताह के तहत सोमवार को मॉकड्रिल हुई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना के निर्देशन और अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग अग्रवाल की अगुवाई में इमरजेंसी मेडिकल विभाग में माॅक ड्रिल की गई। इस दौरान आपात स्थितियों में इमरजेंसी में तैनात स्टाफ की मुस्तैदी को परखा गया। इमरजेंसी में आग, निक्कू वार्ड से बच्चा चोरी, बम धमाके की धमकी, मरीज को हृदयघात, बाहरी आपदा आदि को लेकर तैयारी परखीं गई।
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इन सभी परिस्थितियों को रंग के हिसाब से विभाजित किया गया था। कोड ब्लू में हृदयगति रुक जाने के बाद होने वाले सीपीआर का ड्रिल करके रोगी को शाक के जरिए उसकी जान बचाई गई। इसके अलावा कोड रेड के तहत अग्निशमन दस्ते के साथ आग में फंसे हुए मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बच्चों के वार्ड से गुम हुए नवजात के लिए कोड पिंक के तहत चाइल्ड सिक्योरिटी प्रोटोकाल को एक्टिव किया गया। इस मॉकड्रिल में सीपीआर टीम के साथ ही इमरजेंसी मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, सर्जरी विभाग के सीनियर व जूनियर रेजीडेंट और इमरजेंसी मेडिकल आफिसर व नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहा।
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