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स्वास् थ्य विभाग ने केंद्र से मांगी 28 अतिरिक्त एंबुलेंस
Updated Sat, 18 Aug 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
राज्य में गंभीर मरीजों को तत्काल पास के जिला अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में पहुंचाने के लिए तैनात एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस जीवनदायिनी साबित हो रहीं हैं। मरीजों के लिए एंबुलेंस की कमी न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र्र सरकार को 28 और एंबुलेंस खरीदने का प्रस्ताव भेजा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के राज्य परियोजना निदेशक और अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित 108 एंबुलेंस के बेडे़ में 139 एंबुलेंस संचालित हैं, जिसमें 122 बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और 19 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुुलेंस शामिल हैं। राज्य में एंबुलेंस की कमी को देखते हुए राज्य स्तर पर 50 नई एंबुलेंस खरीदने के साथ ही 28 एंबुलेंस केंद्र सरकार से मांगी गई हैं। पीआईपी 2018-19 के तहत इसका प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। अपर सचिव पंत ने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से अब तक 12.86 लाख मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया है। इसमें 501161 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 218198 घायलों, 30256 हृदयरोगियों, 48200 सांस के मरीजों और अन्य मरीजों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाकर जिंदगी बचाई है।
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देहरादून में एंबुलेंस की मांग सबसे ज्यादा
आंकड़ों के मुताबिक 108 एंबुलेंस की सबसे अधिक मांग देहरादून में हैं। यहां कुल मरीजों में से 21 फीसदी को 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। जबकि हरिद्वार में यह आंकड़ा 12 प्रतिशत, ऊधमसिंहनगर में 11 और नैनीताल में 10 फीसदी रहा।
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108 एंबुलेेंस में गूंजी 10446 नवजातों की किलकारियां
अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि 108 एंबुलेंस संचालन के बाद से अब तक 10446 बच्चों ने अस्पतालों की बजाए एंबुलेंस में ही जन्म लिया। गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस में तैनात प्रशिक्षित पैरा मेडिकल और एएनएम द्वारा प्रसव की सुविधा मुहैया करायी गई।
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राज्य में गंभीर मरीजों को तत्काल पास के जिला अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में पहुंचाने के लिए तैनात एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस जीवनदायिनी साबित हो रहीं हैं। मरीजों के लिए एंबुलेंस की कमी न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र्र सरकार को 28 और एंबुलेंस खरीदने का प्रस्ताव भेजा है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के राज्य परियोजना निदेशक और अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित 108 एंबुलेंस के बेडे़ में 139 एंबुलेंस संचालित हैं, जिसमें 122 बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और 19 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुुलेंस शामिल हैं। राज्य में एंबुलेंस की कमी को देखते हुए राज्य स्तर पर 50 नई एंबुलेंस खरीदने के साथ ही 28 एंबुलेंस केंद्र सरकार से मांगी गई हैं। पीआईपी 2018-19 के तहत इसका प्रस्ताव बनाकर केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। अपर सचिव पंत ने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से अब तक 12.86 लाख मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया है। इसमें 501161 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 218198 घायलों, 30256 हृदयरोगियों, 48200 सांस के मरीजों और अन्य मरीजों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाकर जिंदगी बचाई है।
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देहरादून में एंबुलेंस की मांग सबसे ज्यादा
आंकड़ों के मुताबिक 108 एंबुलेंस की सबसे अधिक मांग देहरादून में हैं। यहां कुल मरीजों में से 21 फीसदी को 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। जबकि हरिद्वार में यह आंकड़ा 12 प्रतिशत, ऊधमसिंहनगर में 11 और नैनीताल में 10 फीसदी रहा।
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108 एंबुलेेंस में गूंजी 10446 नवजातों की किलकारियां
अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि 108 एंबुलेंस संचालन के बाद से अब तक 10446 बच्चों ने अस्पतालों की बजाए एंबुलेंस में ही जन्म लिया। गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस में तैनात प्रशिक्षित पैरा मेडिकल और एएनएम द्वारा प्रसव की सुविधा मुहैया करायी गई।