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आने वाले दिनों में कम होगा लिंग भेद
Updated Sun, 11 Mar 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलब्ध में उत्तरांचल विश्वविद्यालय के यूआईएम विभाग की ओर से शनिवार को ‘लिंग संवेदीकरण’ विषय पर पैनल चर्चा का आयोजन हुआ। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि आने वाले समय में लिंग भेद कम होगा, जिससे देश का भविष्य उज्ज्वल होगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विवि के कुलाधिपति जितेंद्र जोशी ने किया। यूआईएम के निदेशक प्रो. प्रदीप सूरी, विवि के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने भी अपने विचार रखे। राज्य महिला आयोग अध्यक्ष सरोजनी कैंत्यूरा ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही मानवीय मूल्यों से अवगत कराना चाहिए। कहा कि लिंग संवेदीकरण का सीधा रिश्ता लिंग असमानता से है। डॉ. मुकुल शर्मा ने कहा कि सरकार भले ही महिलाओं को कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन पुरुष और महिला अपनी जिम्मेदारियों को समझें तो इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य महिला आयोग की सचिव रमिंद्री मंद्रवाल ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान डॉ. अजय सिंह, प्रो. राजेश बहुगुणा, डॉ. जेपी मिश्रा, डॉ. एसके शाह, डॉ. डीएस चौबे, डॉ. एसपी गैरोला आदि मौजूद रहे।
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलब्ध में उत्तरांचल विश्वविद्यालय के यूआईएम विभाग की ओर से शनिवार को ‘लिंग संवेदीकरण’ विषय पर पैनल चर्चा का आयोजन हुआ। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि आने वाले समय में लिंग भेद कम होगा, जिससे देश का भविष्य उज्ज्वल होगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विवि के कुलाधिपति जितेंद्र जोशी ने किया। यूआईएम के निदेशक प्रो. प्रदीप सूरी, विवि के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने भी अपने विचार रखे। राज्य महिला आयोग अध्यक्ष सरोजनी कैंत्यूरा ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही मानवीय मूल्यों से अवगत कराना चाहिए। कहा कि लिंग संवेदीकरण का सीधा रिश्ता लिंग असमानता से है। डॉ. मुकुल शर्मा ने कहा कि सरकार भले ही महिलाओं को कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन पुरुष और महिला अपनी जिम्मेदारियों को समझें तो इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य महिला आयोग की सचिव रमिंद्री मंद्रवाल ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान डॉ. अजय सिंह, प्रो. राजेश बहुगुणा, डॉ. जेपी मिश्रा, डॉ. एसके शाह, डॉ. डीएस चौबे, डॉ. एसपी गैरोला आदि मौजूद रहे।
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