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सेमी-भैंसारी गांव के अस्तित्व पर खतरा
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:47 PM IST
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गुप्तकाशी। ऊखीमठ तहसील की ग्राम पंचायत सेमी-भैंसारी के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। विस्थापन सूची में शामिल गांव के नीचे मंदाकिनी नदी के बहाव से हो रहे कटाव के कारण भू-धंसाव क्षेत्र बढ़ रहा है, जिससे कई आवासीय मकानों और गोशालाओं को खतरा बना है।
16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा से बुरी तरह से प्रभावित सेमी-भैंसारी गांव के ग्रामीण दिन में आसमान में घुमड़ते बादलों को देख जहां घर छोड़ने को मजबूर हैं, वहीं, शाम के बाद मौसम खराब होने पर रतजगा कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव के नीचे भू-कटाव भी शुरू हो गया है, जिससे चारों तरफ भू-धंसाव का खतरा बढ़ गया है। तल्ली सेमी निवासी महेंद्र सिंह बर्त्वाल ने बताया कि बारिश से घर के पीछे का पुस्ता धंसने से मकान को खतरा हो गया है। आसपास की जमीन भी धीरे-धीरे धंस रही है। यही नहीं, ऊर्जा निगम की विद्युत लाइन और पावर हाउस क्षेत्र भी भू-धंसाव जोन में होने से खतरा और भी बढ़ गया है। इधर, पूर्व प्रधान कुंवरी बर्त्वाल व भगवती प्रसाद का कहना है कि शासन, प्रशासन से मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से हो रहे कटाव को रोकने के लिए गांव के नीचे सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
हाईवे भी बदहाल
गुप्तकाशी। सेमी-भैंसी गांव में हो रहे भू-धंसाव के प्रकोप से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भी बदहाल हो रहा है। बीते चार वर्षों में इस धंसाव जोन की स्थायी मरम्मत के बजाय केदारनाथ यात्रा के नाम पर शासन, प्रशासन और कार्यदायी संस्था द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है।
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इनका कहना है -
लगातार बढ़ रहे भू-धंसाव से गांव के लोग अनहोनी की आशंका से सहमे हुए हैं, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है। चार वर्ष से विस्थापन तो दूर सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं हो पाए हैं।
-- योगेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान सेमी-भैंसारी
आपदा प्रभावित 23 गांवों में अति संवेदनशील गांवों की श्रेणी में सेमी-भैंसारी भी शामिल है। विस्थापन की कार्रवाई शासन स्तर से होनी है। इस संबंध में जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
-तीरथ पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग
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16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा से बुरी तरह से प्रभावित सेमी-भैंसारी गांव के ग्रामीण दिन में आसमान में घुमड़ते बादलों को देख जहां घर छोड़ने को मजबूर हैं, वहीं, शाम के बाद मौसम खराब होने पर रतजगा कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव के नीचे भू-कटाव भी शुरू हो गया है, जिससे चारों तरफ भू-धंसाव का खतरा बढ़ गया है। तल्ली सेमी निवासी महेंद्र सिंह बर्त्वाल ने बताया कि बारिश से घर के पीछे का पुस्ता धंसने से मकान को खतरा हो गया है। आसपास की जमीन भी धीरे-धीरे धंस रही है। यही नहीं, ऊर्जा निगम की विद्युत लाइन और पावर हाउस क्षेत्र भी भू-धंसाव जोन में होने से खतरा और भी बढ़ गया है। इधर, पूर्व प्रधान कुंवरी बर्त्वाल व भगवती प्रसाद का कहना है कि शासन, प्रशासन से मंदाकिनी नदी के तेज बहाव से हो रहे कटाव को रोकने के लिए गांव के नीचे सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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हाईवे भी बदहाल
गुप्तकाशी। सेमी-भैंसी गांव में हो रहे भू-धंसाव के प्रकोप से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भी बदहाल हो रहा है। बीते चार वर्षों में इस धंसाव जोन की स्थायी मरम्मत के बजाय केदारनाथ यात्रा के नाम पर शासन, प्रशासन और कार्यदायी संस्था द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस है।
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इनका कहना है -
लगातार बढ़ रहे भू-धंसाव से गांव के लोग अनहोनी की आशंका से सहमे हुए हैं, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है। चार वर्ष से विस्थापन तो दूर सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं हो पाए हैं।
-- योगेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान सेमी-भैंसारी
आपदा प्रभावित 23 गांवों में अति संवेदनशील गांवों की श्रेणी में सेमी-भैंसारी भी शामिल है। विस्थापन की कार्रवाई शासन स्तर से होनी है। इस संबंध में जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
-तीरथ पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग