OMG! कक्षा 4 के इस छात्र को कंठस्थ हैं गीता के सभी अध्याय
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दिल्ली पब्लिक स्कूल (रानीपुर) के नौ वर्षीय छात्र एकलव्य हरितोष ने न केवल गीता के सभी 18 अध्याय कंठस्थ कर लिए हैं, अपितु भागवत और मानस पर भी पूरा अधिकार कर लिया है। देश के तीन शंकराचार्य बालक को सम्मानित कर चुके हैं। विगत दिवस मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून बुलाकर एकलव्य को सम्मान प्रदान किया।
एकलव्य डीपीएस कक्षा चार का छात्र है। वह ज्वालापुर निवासी पुरोहित परिवार आलोक और आरती का अकेला पुत्र है। इसका पूरा परिवार ज्वालापुर में रह कर पुरोहिताई का काम करता है। एकलव्य को बचपन से धार्मिक ग्रंथों में रुचि थी।
पिता आलोक ने बताया कि छोटे में एकलव्य परिवार के मंदिर में बैठकर पुस्तकें खंगाला करता था। तीन वर्ष की उम्र से उसने गीता पढ़नी शुरू कर दी थी। बालक की बुद्धि इतनी तीव्र थी कि एक माह बाद ही वह गीता के श्लोक मुंह जुबानी सुनाने लग गया। पांच वर्ष की उम्र आते-आते पूरी गीता उसे कंठस्थ हो गई।
सीएम ने कहा, उत्तराखंड का गौरव है एकलव्य
गीता के बाद एकलव्य ने रामचरितमानस और श्रीमद्भागवत में रुचि दिखायी और चौपाईयां भी दिनभर गुनगुनाने लगा। देखते ही देखते उसे भागवत के श्लोक और मानस की चौपाईयां कंठस्थ हो गई।
दो दिन पूर्व हरिद्वार में आयोजित गीता महोत्सव में एकलव्य ने गीता ज्ञान को प्रदर्शन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज के सामने किया। जगद्गुरु ने गीता का अधूरा श्लोक छोड़ा तो एकलव्य ने वहीं से पूरा कर सुनाया।
जगद्गुरु का आशीर्वाद पाने वाले इस बालक को पुरी के शंकराचार्य जगद्गुरु निश्छलानंद सरस्वती और कांची कामकोटि पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी जयेंद्र सरस्वती भी सम्मानित कर चुके हैं। कई मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन करने वाले एकलव्य को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने देहरादून बुलाकर स्मृति एवं प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उसे उत्तराखंड का गौरव बताया है।