{"_id":"5aa4414e4f1c1ba7758b4c7c","slug":"81520714062-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव में देरी हुई तो भंग होगा बोर्ड .","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव में देरी हुई तो भंग होगा बोर्ड .
Updated Sun, 11 Mar 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल पांच मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अगर नगर निगम के चुनाव पांच मई तक नहीं होते हैं तो नियमानुसार बोर्ड भंग हो जाएगा। इसके बाद छह महीने के लिए मेयर का सारा कामकाज प्रशासक की निगरानी में होगा।
वर्ष 2013 में चुनाव न हो पाने के कारण ऐसा ही हुआ था। 2013 में शासन स्तर से साढ़े चार महीने के लिए तत्कालीन अपर सचिव मुख्यमंत्री एसएस रावत को प्रशासक नियुक्त की गई थी। वहीं, इस बार 2018 में भी पांच मई तक नगर निगम के चुनाव न होने के आसार हैं। हालांकि नगर निगम के अधिकारी इस बात की संभावना से इनकार कर रहे हैं। नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे के मुताबिक अभी समय है, अगर निर्धारित समय के भीतर आपत्तियों का निस्तारण हो जाता है तो चुनाव निश्चित समय पर होंगे।
---
सरकार के पास प्रशासक बैठाने का पूरा अधिकार है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए चुनाव निर्धारित समय पर होने की संभावना अधिक है।
- विनोद चमोली, मेयर
विज्ञापन
नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल पांच मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में अगर नगर निगम के चुनाव पांच मई तक नहीं होते हैं तो नियमानुसार बोर्ड भंग हो जाएगा। इसके बाद छह महीने के लिए मेयर का सारा कामकाज प्रशासक की निगरानी में होगा।
वर्ष 2013 में चुनाव न हो पाने के कारण ऐसा ही हुआ था। 2013 में शासन स्तर से साढ़े चार महीने के लिए तत्कालीन अपर सचिव मुख्यमंत्री एसएस रावत को प्रशासक नियुक्त की गई थी। वहीं, इस बार 2018 में भी पांच मई तक नगर निगम के चुनाव न होने के आसार हैं। हालांकि नगर निगम के अधिकारी इस बात की संभावना से इनकार कर रहे हैं। नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे के मुताबिक अभी समय है, अगर निर्धारित समय के भीतर आपत्तियों का निस्तारण हो जाता है तो चुनाव निश्चित समय पर होंगे।
विज्ञापन
---
सरकार के पास प्रशासक बैठाने का पूरा अधिकार है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए चुनाव निर्धारित समय पर होने की संभावना अधिक है।
- विनोद चमोली, मेयर