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बकाएदारों ने दबाए यूपीसीएल के 1500 करोड़
Updated Wed, 07 Feb 2018 02:04 AM IST
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बकाएदारों ने दबाए यूपीसीएल के 1500 करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
बकाएदारों ने विद्युत निगम के 1500 करोड़ रुपये दबा रखे हैं। कई बार नोटिस देने के बावजूद बकायेदार भुगतान को तैयार नहीं हैं। वहीं सरकारी विभागों पर भी 256 करोड़ों रुपये का बकाया हैं। निगम के अधिकारियों के अनुसार उन्हें भुगतान के लिए नोटिस जारी किया गया है।
प्रदेश में 384632 निजी कनेक्शनधारक ऐसे हैं जो बिजली का बिल नहीं चुका रहे हैं। इन पर करीब 1500 करोड़ रुपये बकाए हैं। वहीं सरकारी विभागों पर 256.67 करोड़ और आईडीपीएल पर 285.67 करोड़ रुपये बकाया हैं। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक 6,100 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा है। जिसमें से निगम अक्तूबर तक केवल 2994 करोड़ की वसूली ही कर पाया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में बिलों की गड़बड़ी या मामला कोर्ट में होने के कारण कार्रवाई नहीं की जा रही है। अन्य मामलों में विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि बकाएदारों के कनेक्शन काटने के अलावा राजस्व वसूली के नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में बकाएदारों के खिलाफ कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जा रही है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
बकाएदारों ने विद्युत निगम के 1500 करोड़ रुपये दबा रखे हैं। कई बार नोटिस देने के बावजूद बकायेदार भुगतान को तैयार नहीं हैं। वहीं सरकारी विभागों पर भी 256 करोड़ों रुपये का बकाया हैं। निगम के अधिकारियों के अनुसार उन्हें भुगतान के लिए नोटिस जारी किया गया है।
प्रदेश में 384632 निजी कनेक्शनधारक ऐसे हैं जो बिजली का बिल नहीं चुका रहे हैं। इन पर करीब 1500 करोड़ रुपये बकाए हैं। वहीं सरकारी विभागों पर 256.67 करोड़ और आईडीपीएल पर 285.67 करोड़ रुपये बकाया हैं। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक 6,100 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा है। जिसमें से निगम अक्तूबर तक केवल 2994 करोड़ की वसूली ही कर पाया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में बिलों की गड़बड़ी या मामला कोर्ट में होने के कारण कार्रवाई नहीं की जा रही है। अन्य मामलों में विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
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यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि बकाएदारों के कनेक्शन काटने के अलावा राजस्व वसूली के नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में बकाएदारों के खिलाफ कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी की जा रही है।
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