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नाबालिग की रिहाई के लिए बाल कल्याण समिति में हंगामा
Updated Sun, 03 Jun 2018 02:08 AM IST
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नाबालिग की रिहाई के लिए बाल कल्याण समिति में हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
बाल कल्याण समिति में संरक्षित नाबालिग को रिहा किए जाने की मांग को लेकर जिला स्वर्णकार संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बाल कल्याण समिति गेट पर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि नाबालिग को बिना वजह बाल संरक्षण समिति में रखा गया है। उसे तत्काल मुक्त किया जाए। वहीं बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष कविता शर्मा का कहना है कि बिना जांच किए नाबालिग को नहीं छोड़ा जा सकता है।
पिछले दिनों लखनऊ निवासी नाबालिग राजू पुत्र रामस्नेही को पुलिस ने एक दुकान से अपने संरक्षण में ले लिया गया था। पुलिस का कहना था कि श्रम कानूनों का उल्लंघन करते हुए उससे कार्य करवाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया था।
शनिवार को जिला स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष पंकज मैसोन की अगुवाई मेें सभी पदाधिकारी और सदस्य बाल कल्याण समिति पहुंचे और नाबालिग की रिहाई मांग को लेकर हंगामा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नाबालिग को बिना उचित कारण के संरक्षित किया गया है।
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वहीं बाल संरक्षण समिति की अध्यक्ष कविता शर्मा का कहना है कि जांच पूरी किए बगैर नाबालिग की परिजनों की सुपुर्दगी में नहीं दिया जा सकता है। जांच पूरी होते ही नाबालिग को परिजनाें को सौंप दिया जाएगा।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
बाल कल्याण समिति में संरक्षित नाबालिग को रिहा किए जाने की मांग को लेकर जिला स्वर्णकार संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बाल कल्याण समिति गेट पर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि नाबालिग को बिना वजह बाल संरक्षण समिति में रखा गया है। उसे तत्काल मुक्त किया जाए। वहीं बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष कविता शर्मा का कहना है कि बिना जांच किए नाबालिग को नहीं छोड़ा जा सकता है।
पिछले दिनों लखनऊ निवासी नाबालिग राजू पुत्र रामस्नेही को पुलिस ने एक दुकान से अपने संरक्षण में ले लिया गया था। पुलिस का कहना था कि श्रम कानूनों का उल्लंघन करते हुए उससे कार्य करवाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया था।
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शनिवार को जिला स्वर्णकार संघ के जिलाध्यक्ष पंकज मैसोन की अगुवाई मेें सभी पदाधिकारी और सदस्य बाल कल्याण समिति पहुंचे और नाबालिग की रिहाई मांग को लेकर हंगामा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नाबालिग को बिना उचित कारण के संरक्षित किया गया है।
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वहीं बाल संरक्षण समिति की अध्यक्ष कविता शर्मा का कहना है कि जांच पूरी किए बगैर नाबालिग की परिजनों की सुपुर्दगी में नहीं दिया जा सकता है। जांच पूरी होते ही नाबालिग को परिजनाें को सौंप दिया जाएगा।