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दोपहर तक बंद रही मसूरी
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:52 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, मसूरी।
एससी-एसटी एक्ट संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरोध में मसूरी में दोपहर 12 तक बाजार बंद रहे। दलित समाज के लोगों ने रैली निकाल एक्ट में संशोधन न किए जाने की मांग की। संशोधन किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। दलित समाज को कांग्रेस समेत कई संगठनों का समर्थन मिला। रैली के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
सोमवार को भारतीय दलित साहित्य अकादमी मसूरी एवं वाल्मीकि उत्थान सभा मसूरी इकाई के बैनर तले दलित समाज के लोगों ने लंढौर बाजार से लेकर किताब घर स्थित अंबेडकर चौक तक रैली निकाली और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मालरोड, लंढौर बाजार, कुलड़ी बाजार, झूलाघर, किताबघर आदि जगहों पर दोपहर 12 बजे तक दुकानें बंद रही।
अकादमी के शहर अध्यक्ष सुनील सोनकर ने कहा कि एक्ट में संशोधन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संशोधन के विरोध में 14 अप्रैल बाबा भीमराव अंबेडकर की जयंती के बाद उग्र आंदोलन किया जाएगा। रैली में वाल्मीकि उत्थान सभा मसूरी, कांग्रेस, मजदूर संगठन, राष्ट्रीय न्याय कृति मंच, व्यापार संघ सहित अन्य संस्थाओं के सदस्यों ने भी प्रतिभाग किया।
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इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, महिला कांग्रेस अध्यक्षा जसबीर कौर, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सतीश ढौडियाल, मजदूर संघ अध्यक्ष आरपी बडोनी, मेघ सिंह कंडारी, रमेश चिनालिया, मनोज कुमार, बिजेंद्र, राजेश रजोरी, रविंद्र चिलालिया, मुकेश कांगडा, अरविंद सोनकर, सलीम अहमद, फमल कुमार, रामपाल, सुरेंद्र पाल, कैला, छावनी परिषद उपाध्यक्ष महेश चंद्र, रतीराम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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एससी-एसटी एक्ट संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरोध में मसूरी में दोपहर 12 तक बाजार बंद रहे। दलित समाज के लोगों ने रैली निकाल एक्ट में संशोधन न किए जाने की मांग की। संशोधन किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। दलित समाज को कांग्रेस समेत कई संगठनों का समर्थन मिला। रैली के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
सोमवार को भारतीय दलित साहित्य अकादमी मसूरी एवं वाल्मीकि उत्थान सभा मसूरी इकाई के बैनर तले दलित समाज के लोगों ने लंढौर बाजार से लेकर किताब घर स्थित अंबेडकर चौक तक रैली निकाली और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मालरोड, लंढौर बाजार, कुलड़ी बाजार, झूलाघर, किताबघर आदि जगहों पर दोपहर 12 बजे तक दुकानें बंद रही।
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अकादमी के शहर अध्यक्ष सुनील सोनकर ने कहा कि एक्ट में संशोधन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संशोधन के विरोध में 14 अप्रैल बाबा भीमराव अंबेडकर की जयंती के बाद उग्र आंदोलन किया जाएगा। रैली में वाल्मीकि उत्थान सभा मसूरी, कांग्रेस, मजदूर संगठन, राष्ट्रीय न्याय कृति मंच, व्यापार संघ सहित अन्य संस्थाओं के सदस्यों ने भी प्रतिभाग किया।
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इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, महिला कांग्रेस अध्यक्षा जसबीर कौर, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सतीश ढौडियाल, मजदूर संघ अध्यक्ष आरपी बडोनी, मेघ सिंह कंडारी, रमेश चिनालिया, मनोज कुमार, बिजेंद्र, राजेश रजोरी, रविंद्र चिलालिया, मुकेश कांगडा, अरविंद सोनकर, सलीम अहमद, फमल कुमार, रामपाल, सुरेंद्र पाल, कैला, छावनी परिषद उपाध्यक्ष महेश चंद्र, रतीराम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।