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मुख्यमंत्री से शिकयत पर शुरू हुई वृद्धावस्था पेंशन
Updated Wed, 07 Feb 2018 02:04 AM IST
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मुख्यमंत्री से शिकायत पर शुरू हुई वृद्धावस्था पेंशन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
मुख्यमंत्री उत्तराखंड मोबाइल एप पर शिकायत करने के बाद सरकारी मशीनरी सक्रिय हुई और चंपावत के पाटी ब्लॉक के गांव गड्यूडा निवासी धरीराम को वृद्धावस्था पेंशन मिलने लगी।
पिछले वर्ष 67 वर्षीय धरीराम की वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई थी। जिसे लेकर उन्होंने पांच फरवरी 2017 को मुख्यमंत्री उत्तराखंड मोबाइल एप पर शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने बताया कि दस्तावेजों में गलती से उनका नाम धनीराम हो गया, जिस कारण उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है। जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने एसपी चंपावत धीरेंद्र गुंज्याल को धरीराम से संपर्क करने को कहा। जिसके बाद उन्होंने धरीराम और उनके पुत्र रमेश की मुख्यमंत्री कार्यालय में बात करवाई। मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप से धरीराम की पेंशन दोबारा शुरू हो गई। धरीराम आर्थिक रूप से कमजोर होने के साथ बीमार भी हैं। धन के अभाव में उनका इलाज भी नहीं हो पा रहा था। इसकी जानकारी होती ही एसपी चंपावत ने धरीराम को जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
मुख्यमंत्री उत्तराखंड मोबाइल एप पर शिकायत करने के बाद सरकारी मशीनरी सक्रिय हुई और चंपावत के पाटी ब्लॉक के गांव गड्यूडा निवासी धरीराम को वृद्धावस्था पेंशन मिलने लगी।
पिछले वर्ष 67 वर्षीय धरीराम की वृद्धावस्था पेंशन बंद कर दी गई थी। जिसे लेकर उन्होंने पांच फरवरी 2017 को मुख्यमंत्री उत्तराखंड मोबाइल एप पर शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने बताया कि दस्तावेजों में गलती से उनका नाम धनीराम हो गया, जिस कारण उन्हें पेंशन नहीं मिल रही है। जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने एसपी चंपावत धीरेंद्र गुंज्याल को धरीराम से संपर्क करने को कहा। जिसके बाद उन्होंने धरीराम और उनके पुत्र रमेश की मुख्यमंत्री कार्यालय में बात करवाई। मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप से धरीराम की पेंशन दोबारा शुरू हो गई। धरीराम आर्थिक रूप से कमजोर होने के साथ बीमार भी हैं। धन के अभाव में उनका इलाज भी नहीं हो पा रहा था। इसकी जानकारी होती ही एसपी चंपावत ने धरीराम को जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया है।
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