Dehradun News: राजधानी में 62% सड़कों पर फुटपाथ ही नहीं, जहां हैं वहां भी लोगों ने किया हुआ कब्जा
एमडीडीए ने भविष्य में प्रत्येक सड़क के दोनों ओर पैदल पथ की जरूरत मास्टर प्लान में जताई है। मास्टर प्लान के अनुसार महानगर के यातायात को अवरोध मुक्त बनाने के लिए फुटपाथ सबसे बड़ी जरूरत है।
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दून में 62 प्रतिशत सड़कों पर फुटपाथ ही नहीं हैं। वहीं, जहां है वहां लोगों की ओर से कब्जा कर लिया गया है। इसका खुलासा कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान में किए गए सर्वेक्षण में हुआ है। सर्वेक्षण के अनुसार दून में केवल 29 प्रतिशत सड़कों में दोनों ओर फुटपाथ हैं। जबकि, 9 प्रतिशत सड़कों पर एक तरफ ही फुटपाथ बने हुए हैं।
रिपोर्ट के आधार पर एमडीडीए ने भविष्य में प्रत्येक सड़क के दोनों ओर पैदल पथ की जरूरत मास्टर प्लान में जताई है। मास्टर प्लान के अनुसार महानगर के यातायात को अवरोध मुक्त बनाने के लिए फुटपाथ सबसे बड़ी जरूरत है। दून में कुल 84.9 वर्ग किमी सड़क नेटवर्क के लिए फुटपाथ जरूरी हैं।
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने 2041 तक के लिए बनाए मास्टर प्लान में यातायात संचालन को तवज्जो दी है। मास्टर प्लान में बताया गया है कि दून में पैदल चलने वालों की आवाजाही आसान नहीं है। पहले तो प्रत्येक सड़क के दोनों ओर फुटपाथ नहीं हैं, जहां हैं भी तो उन पर दुकान संचालकों या अन्य लोगों ने कब्जा किया हुआ है। तहसील चौक से लेकर प्रिंस चौक तक, गांधी रोड के पूरे फुटपाथ पर सड़क किनारे रेहड़ी-ठेली वालों ने कब्जा किया हुआ है। दुकानदार भी इस जगह का इस्तेमाल सामान रखने में करते हैं। पूरे दिन फुटपाथ पर मैकेनिक काम करते देखे जा सकते हैं।
नो पार्किंग जोन में खड़े वाहन बढ़ा देते हैं समस्या
शहर में नो पार्किंग जोन में खड़े वाहन समस्या को और बढ़ा देते हैं। मास्टर प्लान के अनुसार दून में कब्जा मुक्त और स्वच्छ फुटपाथ बनाकर यातायात को सुचारू बनाया जा सकता है। वहीं, थिंक टैंक गति फाउंडेशन की ओर से ‘देहरादून कितना चलने योग्य है’ सर्वे किया गया। इसमें भी लगभग 60 प्रतिशत लोगों ने पैदल चलने वालों के लिए बुनियादी ढांचे को खराब या बहुत खराब बताया। इसका हवाला भी पैदल पथ बनाने को लेकर दिया गया है।
सड़क के साथ फुटपाथ भी बहुत जरूरी
मास्टर प्लान में बताया गया कि आदर्श शहर तभी बना सकते हैं, जब प्रत्येक व्यक्ति के लिए मार्ग उपलब्ध हो। पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ भी उसी तरह आवश्यक है, जैसे वाहनों के लिए सड़क। खासकर जंक्शनों (खतरनाक चौराहों-तिराहों) और प्रमुख गतिविधि बिंदुओं (स्कूल, कॉलेज आदि) के पास पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ मास्टर प्लान का प्रमुख हिस्सा है। डीएवी और डीबीएस कॉलेज के आसपास के क्षेत्र, सर्वे चौक के आसपास दोनों तरफ 1.2 मीटर फुटपाथ होना जरूरी है।
सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण चल रहा है। इसमें फुटपाथ निर्माण को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। फुटपाथ को कब्जा मुक्त कराने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है। प्रत्येक पदयात्री को फुटपाथ मिले, इसके लिए जिला प्रशासन प्रयासरत है।
- सोनिका, डीएम, देहरादून