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शिकायतों को गंभीरता से लें यूपीसीएल के अफसर
Updated Thu, 06 Sep 2018 02:08 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य के सभी उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच में एक ही तरह की शिकायतें दर्ज कराने पर नाराजगी जताई है। यूपीसीएल के आला अफसरों और राज्य के सभी पांच उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कमेटी के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में आयोग अध्यक्ष सुभाष कुमार ने कहा कि बीते पांच साल के भीतर 4500 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 3000 शिकायतों में यूपीसीएल के खिलाफ फैसला सुनाया गया। इससे जाहिर होता है कि यूपीसीएल के अफसर और अभियंता उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकारी और अभियंता उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लें और उसका निवारण करें। साथ ही उपभोक्ताओं को कंज्यूमर फ्रेंडली सर्विसेज मुहैया कराएं। राज्य में अब बिजली की कोई कमी नहीं है, ऐसे में यूपीसीएल अफसर बिजली की किल्लत की बात कहकर जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। वह अपने स्तर पर अध्ययन करें कि आखिरकार उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच को एक ही प्रवृत्त की शिकायतें बार बार क्यों दर्ज करा रहे हैं? अधिकारी समय रहते खराब मीटर बदलने के साथ ही मीटर रीडिंग में आई गड़बड़ी को दूर कर दें, तो उपभोक्ताओं को शिकायत निवारण मंच में नहीं जाना पड़ेगा। इस दौरान राज्य विद्युत नियामक आयोग के सचिव नीरज सती, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा के साथ ही यूपीसीएल के सभी निदेशक और मुख्य अभियंता मौजूद रहे।
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राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य के सभी उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच में एक ही तरह की शिकायतें दर्ज कराने पर नाराजगी जताई है। यूपीसीएल के आला अफसरों और राज्य के सभी पांच उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच की कमेटी के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में आयोग अध्यक्ष सुभाष कुमार ने कहा कि बीते पांच साल के भीतर 4500 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 3000 शिकायतों में यूपीसीएल के खिलाफ फैसला सुनाया गया। इससे जाहिर होता है कि यूपीसीएल के अफसर और अभियंता उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकारी और अभियंता उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लें और उसका निवारण करें। साथ ही उपभोक्ताओं को कंज्यूमर फ्रेंडली सर्विसेज मुहैया कराएं। राज्य में अब बिजली की कोई कमी नहीं है, ऐसे में यूपीसीएल अफसर बिजली की किल्लत की बात कहकर जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। वह अपने स्तर पर अध्ययन करें कि आखिरकार उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच को एक ही प्रवृत्त की शिकायतें बार बार क्यों दर्ज करा रहे हैं? अधिकारी समय रहते खराब मीटर बदलने के साथ ही मीटर रीडिंग में आई गड़बड़ी को दूर कर दें, तो उपभोक्ताओं को शिकायत निवारण मंच में नहीं जाना पड़ेगा। इस दौरान राज्य विद्युत नियामक आयोग के सचिव नीरज सती, यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा के साथ ही यूपीसीएल के सभी निदेशक और मुख्य अभियंता मौजूद रहे।
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