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निजी मेडिकल कॉलेजों में 50 प्रतिशत
Updated Mon, 04 Jun 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में 50 प्रतिशत सीटें सरकारी कोटे की होंगी। बाकी 50 प्रतिशत सीटें अखिल भारतीय प्रबंधन कोटे की होंगी। नीट का रिजल्ट आने के बाद इस साल भी नीट की रैंक से ही एमबीबीएस के दाखिले किए जाएंगे। सुभारती मेडिकल कॉलेज की कांउसिलिंग भी इस साल एक साथ होगी। गत वर्ष देरी से मान्यता मिलने के कारण सुभारती की काउंसिलिंग अलग से कराई गई थी। गत वर्ष का सीट अलॉटमेंट देखें तो इस साल नीट के 720 में से 500 अंकों तक एमबीबीएस की सीट मिल सकती है।
सूबे में एमबीबीएस की 750 और बीडीएस की 200 सीटें हैं। इनमें से राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर में राज्य कोटे की 85 प्रतिशत और ऑल इंडिया कोटे की 15 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। जबकि निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों का आरक्षण इससे अलग होगा। इसके तहत निजी मेडिकल कॉलेजों में 50 प्रतिशत सीटें राज्य कोटे की और 50 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया मैनेजमेंट कोटे की होंगी। हालांकि निजी मेडिकल कॉलेजों की सभी सीटों का आवंटन एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओर से होने वाली नीट यूजी काउंसिलिंग से ही किया जाएगा। जल्द ही नीट यूजी का परिणाम जारी होने वाला है। रिजल्ट आने के बाद नीट के स्कोर से ही सीटें भरी जाएंगी।
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गत वर्ष 328 अंकों पर मिली थी ओपेन कैटेगरी की एमबीबीएस सीट
प्रदेश में एमबीबीएस दाखिलों पर नजर डालें तो वैसे तो काफी कम अंकों तक भी एमबीबीएस की सीट मिली थी, क्योंकि सुभारती मेडिकल कॉलेज की काउंसिलिंग अलग से करानी पड़ी थी। लेकिन मॉपअप राउंड की बात करें तो नीट के 720 में से 328 अंकों पर राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीननगर में एमबीबीएस की सीट मिली थी। ओपेन कैटेगरी की बात करें तो मॉपअप राउंड में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में अंतिम सीट 353 अंकों पर मिली थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में अंतिम एमबीबीएस सीट 349 अंक, राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 328 अंक, एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में 245 अंक, हिमालयन मेडिकल कॉलेज में 253 अंक पर एमबीबीएस की सीट मिली थी। बीडीएस में सीमा डेंटल कॉलेज में मॉपअप राउंड में नीट के 720 में से 127 अंक और उत्तरांचल डेंटल कॉलेज में 110 अंकों पर बीडीएस की आखिरी सीट मिली थी। परीक्षा विशेषज्ञ विपिन बलूनी के मुताबिक इस साल भी पहले चरण में भले ही 500 अंकों तक सीट मिले लेकिन मॉपअप राउंड आने तक 400 अंकों तक भी सीट मिल सकती है।
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चार पीजी सीटों पर दोबारा काउंसिलिंग
प्रदेश में चार पीजी की सीटों पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीट आवंटन रद्द हो गया था। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा निदेशायल के निर्देश पर इन सीटों का आवंटन दोबारा किया गया है। इसमें तीन सीटें एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज और एक सीट हिमालयन मेडिकल कॉलेज की है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के परिपेक्ष्य में दोबारा सीट आवंटन कर दिया गया है।
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प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में 50 प्रतिशत सीटें सरकारी कोटे की होंगी। बाकी 50 प्रतिशत सीटें अखिल भारतीय प्रबंधन कोटे की होंगी। नीट का रिजल्ट आने के बाद इस साल भी नीट की रैंक से ही एमबीबीएस के दाखिले किए जाएंगे। सुभारती मेडिकल कॉलेज की कांउसिलिंग भी इस साल एक साथ होगी। गत वर्ष देरी से मान्यता मिलने के कारण सुभारती की काउंसिलिंग अलग से कराई गई थी। गत वर्ष का सीट अलॉटमेंट देखें तो इस साल नीट के 720 में से 500 अंकों तक एमबीबीएस की सीट मिल सकती है।
सूबे में एमबीबीएस की 750 और बीडीएस की 200 सीटें हैं। इनमें से राजकीय मेडिकल कॉलेज देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर में राज्य कोटे की 85 प्रतिशत और ऑल इंडिया कोटे की 15 प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं। जबकि निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों का आरक्षण इससे अलग होगा। इसके तहत निजी मेडिकल कॉलेजों में 50 प्रतिशत सीटें राज्य कोटे की और 50 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया मैनेजमेंट कोटे की होंगी। हालांकि निजी मेडिकल कॉलेजों की सभी सीटों का आवंटन एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओर से होने वाली नीट यूजी काउंसिलिंग से ही किया जाएगा। जल्द ही नीट यूजी का परिणाम जारी होने वाला है। रिजल्ट आने के बाद नीट के स्कोर से ही सीटें भरी जाएंगी।
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गत वर्ष 328 अंकों पर मिली थी ओपेन कैटेगरी की एमबीबीएस सीट
प्रदेश में एमबीबीएस दाखिलों पर नजर डालें तो वैसे तो काफी कम अंकों तक भी एमबीबीएस की सीट मिली थी, क्योंकि सुभारती मेडिकल कॉलेज की काउंसिलिंग अलग से करानी पड़ी थी। लेकिन मॉपअप राउंड की बात करें तो नीट के 720 में से 328 अंकों पर राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीननगर में एमबीबीएस की सीट मिली थी। ओपेन कैटेगरी की बात करें तो मॉपअप राउंड में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में अंतिम सीट 353 अंकों पर मिली थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में अंतिम एमबीबीएस सीट 349 अंक, राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 328 अंक, एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज में 245 अंक, हिमालयन मेडिकल कॉलेज में 253 अंक पर एमबीबीएस की सीट मिली थी। बीडीएस में सीमा डेंटल कॉलेज में मॉपअप राउंड में नीट के 720 में से 127 अंक और उत्तरांचल डेंटल कॉलेज में 110 अंकों पर बीडीएस की आखिरी सीट मिली थी। परीक्षा विशेषज्ञ विपिन बलूनी के मुताबिक इस साल भी पहले चरण में भले ही 500 अंकों तक सीट मिले लेकिन मॉपअप राउंड आने तक 400 अंकों तक भी सीट मिल सकती है।
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चार पीजी सीटों पर दोबारा काउंसिलिंग
प्रदेश में चार पीजी की सीटों पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीट आवंटन रद्द हो गया था। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा निदेशायल के निर्देश पर इन सीटों का आवंटन दोबारा किया गया है। इसमें तीन सीटें एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज और एक सीट हिमालयन मेडिकल कॉलेज की है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के परिपेक्ष्य में दोबारा सीट आवंटन कर दिया गया है।