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शिक्षामित्रों ने मांगी सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति
Updated Mon, 04 Jun 2018 02:16 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
गांधी पार्क में रविवार को हुई शिक्षामित्र क्रांतिकारी संगठन की बैठक में डीएलएड प्रशिक्षित सभी शिक्षामित्रों को पूर्व की भांति सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्त किए जाने की मांग की गई। इसके अलावा यूटीईटी में अधिमान अंक दिए जाने की भी मांग उठाई।
शिक्षामित्र क्रांतिकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पूर्ण सिंह राणा ने कहा कि शिक्षामित्र कई वर्षों से अध्यापन कार्य कर रहे हैं और समय-समय पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में सेवारत प्रशिक्षण भी लिया है। इसके अलावा एनसीटीई की अनुमति के बाद राज्य सरकार ने दो वर्षीय डीएलएड प्रशिक्षण इग्नू से कराया गया। शिक्षा मित्रों के पहले बैच का प्रशिक्षण समाप्त होने पर राज्य सरकार द्वारा उन्हें सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति दी गई। वहीं बाकी शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण पूरा हुए एक साल बीतने जा रहा है, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है। इस बाबत राज्य के 36 विधायकों ने एक संयुक्त पत्र मुख्यमंत्री को भेजा था, लेकिन अभीतक शिक्षामित्रों के मामले में सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में मांगों पर जल्द सकारात्मक विचार विमर्श नहीं होने पर 11 जून से निदेशालय में धरना-प्रदर्शन और सचिवालय का घेराव किया जाएगा। बैठक में गुलाब सिंह चौहान, पूर्ण सिंह, शकुंतला राठौर, चित्रा राणा, अरुणा वर्मा, संध्या शर्मा, संदीप कुमार, जसवंती सेमवाल, अनुराधा बिष्ट, माया, शीला कैंतुरा, रेखा अवस्थी, चंदा थापा समेत बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
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गांधी पार्क में रविवार को हुई शिक्षामित्र क्रांतिकारी संगठन की बैठक में डीएलएड प्रशिक्षित सभी शिक्षामित्रों को पूर्व की भांति सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्त किए जाने की मांग की गई। इसके अलावा यूटीईटी में अधिमान अंक दिए जाने की भी मांग उठाई।
शिक्षामित्र क्रांतिकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पूर्ण सिंह राणा ने कहा कि शिक्षामित्र कई वर्षों से अध्यापन कार्य कर रहे हैं और समय-समय पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों में सेवारत प्रशिक्षण भी लिया है। इसके अलावा एनसीटीई की अनुमति के बाद राज्य सरकार ने दो वर्षीय डीएलएड प्रशिक्षण इग्नू से कराया गया। शिक्षा मित्रों के पहले बैच का प्रशिक्षण समाप्त होने पर राज्य सरकार द्वारा उन्हें सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति दी गई। वहीं बाकी शिक्षामित्रों का प्रशिक्षण पूरा हुए एक साल बीतने जा रहा है, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई सुध नहीं ली है। इस बाबत राज्य के 36 विधायकों ने एक संयुक्त पत्र मुख्यमंत्री को भेजा था, लेकिन अभीतक शिक्षामित्रों के मामले में सरकार की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में मांगों पर जल्द सकारात्मक विचार विमर्श नहीं होने पर 11 जून से निदेशालय में धरना-प्रदर्शन और सचिवालय का घेराव किया जाएगा। बैठक में गुलाब सिंह चौहान, पूर्ण सिंह, शकुंतला राठौर, चित्रा राणा, अरुणा वर्मा, संध्या शर्मा, संदीप कुमार, जसवंती सेमवाल, अनुराधा बिष्ट, माया, शीला कैंतुरा, रेखा अवस्थी, चंदा थापा समेत बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे।
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