{"_id":"594e88224f1c1b42638b47d8","slug":"61498318882-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसान नहीं होगा पुराने शहर की सूरत संवारना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आसान नहीं होगा पुराने शहर की सूरत संवारना
Updated Sat, 24 Jun 2017 09:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आसान नहीं होगा पुराने शहर की सूरत संवारना
स्मार्ट सिटी बनाने को बड़े पैमाने पर होगी तोड़फोड़
स्मार्ट सिटी में प्रमुुख सड़काें का होना है चौड़ीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
पुराने शहर की सूरत संवार कर स्मार्ट सिटी बनाना आसान नहीं है। पलटन बाजार, कांवली रोड, सहारनपुर चौक, आढ़त बाजार आदि इलाकों में सड़काें के चौड़ीकरण को बडे़ पैमाने पर तोड़फोड़ करनी होगी। राजधानी बनने के 17 साल बाद पहले चकराता रोड और अब आईएसबीटी रोड पर विरोध के बीच अतिक्रमण हट पाया है। ऐसे में स्मार्ट सिटी के नाम पर होने वाली तोड़फोड़ कानून व्यवस्था के लिहाज से बड़ा मुद्दा बनने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।
स्मार्ट सिटी योजना में चयन के बाद दून ने पहले पायदान पर तो कदम रख दिया है, मगर योजना को धरातल पर उतारना किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। स्मार्ट सिटी के लिए ईसी रोड, आराघर, राजपुर रोड, चकराता रोड पर सुधार की काफी संभावनाएं है, लेकिन कांवली रोड, सहारनपुर चौक, आढ़त बाजार, महाराजा अग्रसेन चौक का चौड़ीकरण और विस्तारीकरण बड़ी चुनौती है। यहां अतिक्रमण की भरमार है। दूसरी सबसे बड़ी दिक्कत पलटन बाजार के चौड़ीकरण में होेगी। पलटन बाजार में सुधार करना हर सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है लेकिन सुधार के नाम पर कुछ नहीं हुआ। विरोध के चलते हर बार सरकार को हाथ पीछे खींचने पड़े हैं।
चुनौतियों में काम करना अच्छा
स्मार्ट सिटी देहरादून की बड़ी उपलब्धि है। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए कई चुनौतियां भी आएंगी, लेकिन आपसी सहयोग से उन्हें दूर कर लिया जाएगा। सरकार की नीयत साफ है, इसलिए ज्यादा दिक्कत आने वाली नहीं है। आईएसबीटी से घंटाघर तक अतिक्रमण हटाने में पहले दिन विरोध हुआ था, अब सब कुछ सामान्य हो गया है।
विज्ञापन
- विनोद चमोली, महापौर, नगर निगम
विज्ञापन
स्मार्ट सिटी बनाने को बड़े पैमाने पर होगी तोड़फोड़
स्मार्ट सिटी में प्रमुुख सड़काें का होना है चौड़ीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
पुराने शहर की सूरत संवार कर स्मार्ट सिटी बनाना आसान नहीं है। पलटन बाजार, कांवली रोड, सहारनपुर चौक, आढ़त बाजार आदि इलाकों में सड़काें के चौड़ीकरण को बडे़ पैमाने पर तोड़फोड़ करनी होगी। राजधानी बनने के 17 साल बाद पहले चकराता रोड और अब आईएसबीटी रोड पर विरोध के बीच अतिक्रमण हट पाया है। ऐसे में स्मार्ट सिटी के नाम पर होने वाली तोड़फोड़ कानून व्यवस्था के लिहाज से बड़ा मुद्दा बनने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है।
स्मार्ट सिटी योजना में चयन के बाद दून ने पहले पायदान पर तो कदम रख दिया है, मगर योजना को धरातल पर उतारना किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। स्मार्ट सिटी के लिए ईसी रोड, आराघर, राजपुर रोड, चकराता रोड पर सुधार की काफी संभावनाएं है, लेकिन कांवली रोड, सहारनपुर चौक, आढ़त बाजार, महाराजा अग्रसेन चौक का चौड़ीकरण और विस्तारीकरण बड़ी चुनौती है। यहां अतिक्रमण की भरमार है। दूसरी सबसे बड़ी दिक्कत पलटन बाजार के चौड़ीकरण में होेगी। पलटन बाजार में सुधार करना हर सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है लेकिन सुधार के नाम पर कुछ नहीं हुआ। विरोध के चलते हर बार सरकार को हाथ पीछे खींचने पड़े हैं।
विज्ञापन
चुनौतियों में काम करना अच्छा
स्मार्ट सिटी देहरादून की बड़ी उपलब्धि है। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए कई चुनौतियां भी आएंगी, लेकिन आपसी सहयोग से उन्हें दूर कर लिया जाएगा। सरकार की नीयत साफ है, इसलिए ज्यादा दिक्कत आने वाली नहीं है। आईएसबीटी से घंटाघर तक अतिक्रमण हटाने में पहले दिन विरोध हुआ था, अब सब कुछ सामान्य हो गया है।
विज्ञापन
- विनोद चमोली, महापौर, नगर निगम