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अभी भी सुलग रहे हैं देवदार के ठूंठ
Updated Thu, 15 Jun 2017 10:07 PM IST
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उत्तरकाशी। गंगोत्री क्षेत्र में पांडव गुफा के ऊपरी वन क्षेत्र में लगी आग पर तो वन विभाग के कर्मचारियों ने काबू पा लिया है, लेकिन अभी भी देवदार के कुछ ठूंठ (कटे हुए पेड़ के तनों) पर आग सुलगी हुई है। जिसको बुझाने पर कर्मचारी लगे हुए हैं।
बता दें कि पांडव गुफा के ऊपरी वन क्षेत्र में अचानक बुधवार को दोपहर बाद आग सुलग गई थी। सूचना पर गंगोत्री नेशनल पार्क और उत्तरकाशी वन प्रभाग के कर्मचारी मौके के लिए रवाना हुए। जहां बुधवार रात तक उन्होंने आग पर काबू पाया। डीएफओ संदीप कुमार ने बताया कि आग पर बुधवार रात को काबू पा लिया गया था, लेकिन अभी भी देवदार के कुछ पुराने कटे हुए पेड़ के तनों पर आग सुलगी हुई है। जिसको बुझाने के लिए उत्तरकाशी वन प्रभाग और गंगोत्री नेशनल पार्क के कर्मचारी लगे हुए हैं।
डीएफओ संदीप ने बताया कि देवदार के पेड़ों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि ग्राउंड फायर में झाड़ियों और पत्तियों को ज्यादा नुकसान होता है। जिसका प्रति हेक्टेयर रेट 1500 रुपये के करीब होता है, लेकिन अभी भी कर्मचारी वहां तैनात किए हैं। क्योंकि जिन मुंडो पर आग सुलगी है, उसने आग फैलने की संभावनाएं नहीं हैं। उन्होंने बताया कि आग लगाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि पांडव गुफा के ऊपरी वन क्षेत्र में अचानक बुधवार को दोपहर बाद आग सुलग गई थी। सूचना पर गंगोत्री नेशनल पार्क और उत्तरकाशी वन प्रभाग के कर्मचारी मौके के लिए रवाना हुए। जहां बुधवार रात तक उन्होंने आग पर काबू पाया। डीएफओ संदीप कुमार ने बताया कि आग पर बुधवार रात को काबू पा लिया गया था, लेकिन अभी भी देवदार के कुछ पुराने कटे हुए पेड़ के तनों पर आग सुलगी हुई है। जिसको बुझाने के लिए उत्तरकाशी वन प्रभाग और गंगोत्री नेशनल पार्क के कर्मचारी लगे हुए हैं।
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डीएफओ संदीप ने बताया कि देवदार के पेड़ों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि ग्राउंड फायर में झाड़ियों और पत्तियों को ज्यादा नुकसान होता है। जिसका प्रति हेक्टेयर रेट 1500 रुपये के करीब होता है, लेकिन अभी भी कर्मचारी वहां तैनात किए हैं। क्योंकि जिन मुंडो पर आग सुलगी है, उसने आग फैलने की संभावनाएं नहीं हैं। उन्होंने बताया कि आग लगाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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