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Dehradun News: जिले के 600 लोग ब्याजमुक्त ऋण लेकर कर रहे मुर्गीपालन

Thu, 14 Dec 2023 01:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 14 Dec 2023 01:00 AM IST
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600 people of the district are doing poultry farming
जिले के 600 लोग ब्याजमुक्त ऋण और मुफ्त चूजे लेकर मुर्गीपालन कर रहे हैं। उन्हें 1.60 लाख का ऋण पशुपालन और सहकारिता विभाग की ओर से मिलता है। मुर्गीपालन से एक ओर गांव में ही रोजगार मिला तो दूसरी ओर यूपी और अन्य जिलों से मुर्गियों का आयात कम हो गया है।
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वित्त वर्ष 2022-23 में सरकार ने देहरादून, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, नई टिहरी को कुक्कट वैली योजना से जोड़ा। पशुपालन और सहकारिता विभाग को समन्वय बनाकर योजना को अमलीजामा पहनाने का जिम्मा दिया गया था। दून जिले के 600 लोगों को 90 लाख रुपये पंडित दीन दयाल उपाध्याय ब्याजमुक्त ऋण के रूप में दिए गए हैं। इसके अलावा, 250-250 चूजे मुफ्त में दिए गए हैं।
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विभागीय अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड में मुर्गीपालन का कारोबार बेहद ही कम है। जिस कारण पश्चिमी यूपी के बिजनौर और नजीबाबाद के साथ ही राज्य के दूसरे जिलों से मुर्गियां आयात करनी पड़ती हैं। अब स्थानीय स्तर पर मुर्गियां उपलब्ध हो रही हैं जिससे लोगों को स्थानीय रोजगार मिल रहा है। यह योजना 2025 तक चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी।
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बाजार भी सहजता से हो रहा उपलब्ध



पशुपालन विभाग एक माह तक चूजों का पालन करने के बाद पॉल्ट्री फार्म में भेजते हैं। दाने के साथ ही चूजों के बीमार होने की दशा में मुफ्त इलाज भी उपलब्ध कराया जा रहा है। तैयार मुर्गियों को सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों से खरीदा जा रहा है। इससे किसानों को भी बाजार ढूंढने के लिए भटकना नहीं पड़ता।

बोले मुर्गीपालक



गांव में ही रोजगार उपलब्ध होने से नौकरी तलाशने की जरूरत नहीं पड़ी। अब अपने पॉल्ट्री शेड को और बड़ा बनाने की इच्छा है। पॉल्ट्री फार्म से अच्छा मुनाफा मिल रहा है। - सुरेंद्र सिंह रावत, पेववाला सोडा






कुक्कुट पालन से रोजगार तलाशने की अब जरूरत नहीं रह गई है। गांव में ही अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। मुझे लगता है इस योजना के लिए जो भी पात्र हों लाभ जरूर लें। - पंकज, कुडियाल






इस तरह ले सकते हैं योजना का लाभ



मुर्गीपालन में अनुभवी और महिला आवेदकों को योजना में वरीयता दी जाएगी। किसान सहकारी समिति का सदस्य होना चाहिए। किसान किसी सहकारी समिति का बकायेदार न हो। अपनी जमीन या पट्टा होना चाहिए। पहचान, पता और जमीन के वैध प्रमाणपत्र होने चाहिए। एआर कोऑपरेटिव सुमन कुमार ने बताया कि पॉल्ट्री फार्म शुरू करने के लिए अपनी नजदीकी सहकारी समिति में किसान को आवेदन करना होगा। किसान के पास मुर्गीपालन का अनुभव न होने पर उसे पशुपालन विभाग ट्रेनिंग दिलाएगा।
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