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आईएमए ने सेना के लिए तैयार किए 58 जांबाज

Sat, 06 Dec 2014 02:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 06 Dec 2014 02:27 AM IST
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58 cadet pass out from army cadet college.

सेना में बतौर जवान भर्ती होने वाले जांबाजों को अफसर बनाने वाले आर्मी कैडेट कॉलेज (एसीसी) का 104 वां बैच शुक्रवार को पास आउट हुआ। कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मानवेंद्र सिंह ने बैच के 58 कैडेट्स को जेएनयू (जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय) की ग्रेजुएशन डिग्री देकर सम्मानित किया।

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भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून के एसीसी से तीन वर्ष की शैक्षणिक ट्रेनिंग लेने के बाद अब ये कैडेट आईएमए में एक साल की प्री-कमीशन मिलिट्री ट्रेनिंग लेंगे।
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कोर्स में हरियाणा (हिसार) के रहने वाले जग परवेश ने ओवर आल मेरिट में टॉप कर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके साथ ही जग परवेश को विज्ञान स्नातक में टॉप करने के लिए कमांडेंट सिल्वर मेडल भी दिया गया। बैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए कमांडेंट बैनर नूब्रा कंपनी को मिला।

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सैन‌िकों की होती है यहां ट्रेन‌िंग

58 cadet pass out from army cadet college.

पर्सनल बिलो ऑफिसर्स रैंक (पीबीओआर) यानि बतौर सैनिक भर्ती होकर सेना के तीनों अंगों थल, वायु व नौ सेना में शामिल हुए जवानों को अंतर सर्विस चयन प्रक्रिया और स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड में सफल होने के बाद एसीसी में स्नातक की डिग्री करवाई जाती है।

इसी के तहत आईएमए की पासिंग आउट परेड से पूर्व अकादमी के चैटवुड हाल में शुक्रवार को जेएनयू से 29 विज्ञान और 29 आर्ट्स कैडेट को स्नातक की डिग्री प्रदान की। इस अवसर पर कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल मानवेंद्र सिंह ने कहा कि कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए इन युवाओं ने एसीसी से पास आउट होकर नया मुकाम हासिल किया है।

इससे पूर्व एसीसी की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। कमांडेंट ने कोर्स में अकादमिक, खेल, कैंपस, अनुशासन और अन्य गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ और कमांडेंट मेडल से सम्मानित किया। ग्रेजुएशन सेरेमनी में पास आउट कैडेट्स के परिवार के सदस्य भी शामिल हुए।

पाक‌िस्तान के आर्मी चीफ हुए थे पास आउट

58 cadet pass out from army cadet college.

इन्हें म‌िला मेडल
- सीओएएस (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) गोल्ड मेडल - जग परवेश (हिसार, हरियाणा)
- सीओएएस सिल्वर मेडल - बलबीर कुमार सरन (जोधपुर, राजस्थान)
- सीओएएस ब्रांज मेडल - रामनाथ यादव (फैजाबाद यूपी)

इन्हें मिला कमांडेंट सिल्वर मेडल
- सर्विस विषय में प्रथम - शशी कुमार (बिलासपुर, हिमाचल)
- बीए में प्रथम - रामनाथ यादव (फैजाबाद यूपी)
- बीएससी में प्रथम - जग परवेश (हिसार, हरियाणा)

आर्मी कैडेट कॉलेज का इतिहास
- वर्ष 1929 में नौ गांव (महाराष्ट्र) में स्थापित हुआ किचनर कालेज।
- वर्ष 1960 में किचनर कालेज का नाम एसीसी रखा गया।
- 10 फरवरी 1961 जनरल थिमेया ने किया पहले पीओपी परेड का रिव्यू।
- वर्ष 1977 देहरादून में किया शिफ्ट किया कालेज।
- वर्ष 2006 में आईएमए में शामिल हुआ कालेज।

जनरल मूसा, जनरल डून हुए थे पासआउट
एसीसी कालेज का स्वर्णिम इतिहास रहा है। पाकिस्तान सेना के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल मूसा एसीसी से पास आउट हुए थे। बर्मा (अब म्यांमार) के सेना प्र्रमुख जनरल स्मिथ डून भी एसीसी से पास आउट हुए थे। एसीसी के सैन्य इतिहास में एक परमवीर चक्र, दो अशोक चक्र सहित कई वीरता सम्मान भी हैं।

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