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10वीं के बाद छात्रों को अब सीबीएसई करेगा ‘गाइड’
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
10वीं पास करने के बाद अब छात्रों को आगे की शिक्षा और करियर चुनने में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की मदद मिलेगी। सीबीएसई ने गाइड की भूमिका निभाने के लिए ‘नो योर एप्टीट्यूड टेस्ट’ की शुरुआत की है। इसके तहत छात्रों को 10वीं के बाद 11वीं के विषय चुनने में मदद मिलेगी। साथ ही करियर संबंधी मार्गदर्शन भी मिलेगा।
सीबीएसई अब अपने स्कूल के शिक्षकों के माध्यम से नो योर एप्टीट्यूड टेस्ट लेगा। इस संबंध में सीबीएसई ने सर्कुलर जारी कर दिया है। इस टेस्ट में कोई भी छात्र शामिल हो सकता है। सीबीएसई के मुताबिक इस टेस्ट से छात्रों को अपनी शक्ति और सीमा जानने का मौका मिलेगा। इससे उन्हें किस तरह के करियर विकल्प को अपनाना चाहिए, यह जानने में आसानी होगी। इस टेस्ट से स्कूल के शिक्षकों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को भी मदद मिलेगी। टेस्ट के माध्यम से छात्रों की प्रतिभा, सीमा, दिलचस्पी आदि की परख हो सकेगी। इसी आधार पर शिक्षक व अभिभावक छात्रों को आवश्यक मदद कर सकेंगे।
एनसीईआरटी ने तैयार किया टेस्ट का प्रारूप
नो योर एप्टीट्यूड टेस्ट को नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने तैयार किया है। इस टेस्ट को अपने-अपने स्कूल में संबंधित शिक्षक प्रभावी करेंगे। एनसीईआरटी ने इस टेस्ट से संबंधित सभी सामग्री तैयार कर दी है। इससे संबंधित टेस्ट गाइड, मैनुअल, टेस्ट बुकलेट और आंसर सीट को सीबीएसई की वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा। जहां से स्कूल इन्हें डाउनलोड कर सकेंगे। संबंधित स्कूल इसे 24 जनवरी से सीबीएसई के वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे।
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एक दिन का होगा टेस्ट
नो योर एप्टीट्यूड टेस्ट सिर्फ एक दिन के लिए होगा। स्कूल अपनी सुविधानुसार इसकी तारीख तय कर सकते हैं। टेस्ट के बाद संबंधित शिक्षक छात्र के प्रदर्शन का मूल्यांकन बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार करेंगे। बोर्ड के मैनुअल में पहले से इस संबंध में स्कोरिंग का पैटर्न तय कर दिया गया है। इसी आधार पर छात्रों की स्कोरिंग होगी। स्कूल बोर्ड को यह रिपोर्ट भेजेंगे कि उसने टेस्ट को किस तरह से आयोजित किया है, लेकिन छात्रों का व्यक्तिगत स्कोर बोर्ड के साथ साझा नहीं करेंगे।
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10वीं पास करने के बाद अब छात्रों को आगे की शिक्षा और करियर चुनने में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की मदद मिलेगी। सीबीएसई ने गाइड की भूमिका निभाने के लिए ‘नो योर एप्टीट्यूड टेस्ट’ की शुरुआत की है। इसके तहत छात्रों को 10वीं के बाद 11वीं के विषय चुनने में मदद मिलेगी। साथ ही करियर संबंधी मार्गदर्शन भी मिलेगा।
सीबीएसई अब अपने स्कूल के शिक्षकों के माध्यम से नो योर एप्टीट्यूड टेस्ट लेगा। इस संबंध में सीबीएसई ने सर्कुलर जारी कर दिया है। इस टेस्ट में कोई भी छात्र शामिल हो सकता है। सीबीएसई के मुताबिक इस टेस्ट से छात्रों को अपनी शक्ति और सीमा जानने का मौका मिलेगा। इससे उन्हें किस तरह के करियर विकल्प को अपनाना चाहिए, यह जानने में आसानी होगी। इस टेस्ट से स्कूल के शिक्षकों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन को भी मदद मिलेगी। टेस्ट के माध्यम से छात्रों की प्रतिभा, सीमा, दिलचस्पी आदि की परख हो सकेगी। इसी आधार पर शिक्षक व अभिभावक छात्रों को आवश्यक मदद कर सकेंगे।
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एनसीईआरटी ने तैयार किया टेस्ट का प्रारूप
नो योर एप्टीट्यूड टेस्ट को नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने तैयार किया है। इस टेस्ट को अपने-अपने स्कूल में संबंधित शिक्षक प्रभावी करेंगे। एनसीईआरटी ने इस टेस्ट से संबंधित सभी सामग्री तैयार कर दी है। इससे संबंधित टेस्ट गाइड, मैनुअल, टेस्ट बुकलेट और आंसर सीट को सीबीएसई की वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा। जहां से स्कूल इन्हें डाउनलोड कर सकेंगे। संबंधित स्कूल इसे 24 जनवरी से सीबीएसई के वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे।
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एक दिन का होगा टेस्ट
नो योर एप्टीट्यूड टेस्ट सिर्फ एक दिन के लिए होगा। स्कूल अपनी सुविधानुसार इसकी तारीख तय कर सकते हैं। टेस्ट के बाद संबंधित शिक्षक छात्र के प्रदर्शन का मूल्यांकन बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार करेंगे। बोर्ड के मैनुअल में पहले से इस संबंध में स्कोरिंग का पैटर्न तय कर दिया गया है। इसी आधार पर छात्रों की स्कोरिंग होगी। स्कूल बोर्ड को यह रिपोर्ट भेजेंगे कि उसने टेस्ट को किस तरह से आयोजित किया है, लेकिन छात्रों का व्यक्तिगत स्कोर बोर्ड के साथ साझा नहीं करेंगे।