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पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 123 विद्यार्थी हुए शामिल
Updated Fri, 02 Mar 2018 01:28 AM IST
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पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 123 विद्यार्थी हुए शामिल
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में पीएचडी 2018-2021 बैच के लिए रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट (आरईटी) का आयोजन हुआ। प्रवेश परीक्षा में देशभर से 123 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग लिया। एसजीआरआर विश्वविद्यालय के डीन रिसर्च डॉ अरुण कुमार ने यह जानकारी दी।
प्रवेश परीक्षा में 123 छात्र-छात्राओं ने 19 विषयों के लिए प्रतिभाग किया। विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद यह दूसरा पीएचडी बैच शुरू होने जा रहा है। कुलपति प्रोफेसर पीतांबर प्रसाद ध्यानी ने कहा कि विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। मेडिकल साइंसेज में भी अब विशेष शोध होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड औषधीय पौधों की विविधता का क्षेत्र है। कई बीमारियों के उपचार की सस्ती दवाईयां बनाई जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री महंत देवेंद्र दास महाराज का सपना है कि शोध के आधार पर तैयार मेडिकल औषधियां रियायती दरों पर गरीबों को उपलब्ध कराई जा सकें। प्रवेश परीक्षा संपन्न कराने में परीक्षा नियंत्रक मनीष जैन और विजय कुमार का विशेष योगदान रहा। कुलाधिपति ने कुलपति, प्रति कुलपति प्रोफेसर प्रीति कोठियाल और उनकी टीम को बधाई दी।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में पीएचडी 2018-2021 बैच के लिए रिसर्च एंट्रेंस टेस्ट (आरईटी) का आयोजन हुआ। प्रवेश परीक्षा में देशभर से 123 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग लिया। एसजीआरआर विश्वविद्यालय के डीन रिसर्च डॉ अरुण कुमार ने यह जानकारी दी।
प्रवेश परीक्षा में 123 छात्र-छात्राओं ने 19 विषयों के लिए प्रतिभाग किया। विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद यह दूसरा पीएचडी बैच शुरू होने जा रहा है। कुलपति प्रोफेसर पीतांबर प्रसाद ध्यानी ने कहा कि विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। मेडिकल साइंसेज में भी अब विशेष शोध होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड औषधीय पौधों की विविधता का क्षेत्र है। कई बीमारियों के उपचार की सस्ती दवाईयां बनाई जा सकती हैं।
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उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री महंत देवेंद्र दास महाराज का सपना है कि शोध के आधार पर तैयार मेडिकल औषधियां रियायती दरों पर गरीबों को उपलब्ध कराई जा सकें। प्रवेश परीक्षा संपन्न कराने में परीक्षा नियंत्रक मनीष जैन और विजय कुमार का विशेष योगदान रहा। कुलाधिपति ने कुलपति, प्रति कुलपति प्रोफेसर प्रीति कोठियाल और उनकी टीम को बधाई दी।
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