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पेड़ों की कीमत पर होगा आपका 'आशियाना'

Sun, 06 Oct 2013 08:35 PM IST
विनोद मुसान/अमर उजाला, देहरादून
विनोद मुसान/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 06 Oct 2013 08:35 PM IST
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50 trees felled by the rules on hold

पेड़ों का कटान रोकने के लिए हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद दून में हरे पेड़ों पर व्यावसायिक लाभ के लिए आरियां चल रही हैं। रानीपोखरी के शांतिनगर गैंठीवाला इलाके में लगे 45 बीघा के एक बाग में पिछले दिनों 50 से अधिक पेड़ों की हत्या कर दी गई।

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वन विभाग ने जुर्म काटा और सो गया। बचे पेड़ों को अब गुपचुप ढंग से मारा जा रहा है। ‘अमर उजाला’ की पड़ताल में जो तथ्य सामने आए हैं, वह चौंकाने वाले हैं।

दृश्य एक
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपोखरी से लगती रोड पर करीब डेढ़ किलोमीटर आगे यह बाग स्थित है। आधी सड़क पक्की, आधी कच्ची है। पहली नजर में बाग पेड़ों से भरा नजर आता है। कुछ कदम आगे बढ़ते ही खुला मैदान दिखता है। कागज पर तो प्लाटों का लेआउट आपने देखा होगा, लेकिन यहां जमीन पर कच्चा लेआउट तैयार है। तीस फुट मुख्य सड़क के अलावा यहां 15-20 फुट की सड़कें काटी गई हैं।
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दृश्य दो
बाग में आगे बढ़ते ही हकीकत सामने आने लगती है। झाड़ियों में आम के पेड़ों को काटकर फेंका गया है। टहनियां ठिकाने लगा दी गई हैं, लेकिन डाटें अब भी यहां पड़ी हैं। छानबीन करने पर पता चला की एक ट्रक लकड़ी चोरी-छिपे बाग से ले जाई जा रही थी तो रानीपोखरी थाना पुलिस ने इसे पकड़ वन विभाग को सौंप दिया। अब भी बाग में करीब दो ट्रक लकड़ी झाड़ियों के बीच छिपाई गई है।
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दृश्य तीन
पेड़ काटने के बाद सबूत मिटाने के लिए बड़ी सफाई से ठूंठ या तो खोद दिए गए हैं या उन्हें जला दिया गया है। बाग में हमें कई ऐसे ठूंठ (पेड़ काटने के बाद बचा हुआ हिस्सा) नजर आए, जिन्हें छिपाने की कोशिश की गई थी। तस्वीर गवाह हैं कि कैसे पेड़ों की हत्या के बाद काले कारनामों को छुपाने की कोशिश की गई है।

दृश्य चार
क्षेत्र में पिछली सर्दियों में पाले के कारण आम-कटहल के लगभग सभी पेड़ सूख गए थे। इन दिनों बारिश के बाद वे फिर हरे-भरे हो गए हैं। लेकिन दूसरे बागों से इतर इस बाग में पेड़ अब भी सूख रहे हैं। जानकारों की मानें तो भूमाफिया ने पेड़ों को सुखाने के लिए इनकी जड़ों पर रसायन डाला है। कुछ दिन बाद ये पेड़ दम तोड़ देंगे और बाग को उजाड़कर यहां बस्ती बसाने वालों का काम आसान हो जाएगा।

इनकी भी सुनिए
विभाग पेड़ों के अवैध कटान पर सख्त निगरानी रख रहा है। उद्यान विभाग ने जिन पेड़ों की लॉपिंग की अनुमति दी है। उनकी मानिटरिंग भी उसे करनी चाहिए। कटान की शिकायत पर कार्रवाई होगी।
-भरत सिंह, उप वन प्रभागीय अधिकारी ऋषिकेश देहरादून

पेड़ों के पातन पर वन विभाग ही कार्रवाई कर सकता है। रानीपोखरी में लॉपिंग की अनुमति दी गई है। पेड़ काटे जा रहे हैं तो कार्रवाई होनी चाहिए। कटान पाया गया तो अनुमति निरस्त की जा सकती है।

-अमर सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, देहरादून

बाग बचाओ आंदोलन शुरू होगा
कुछ लोग बागों को उजाड़ने पर तुले हैं। पहले प्रापर्टी डीलरों ने खेती की जमीन ठिकाने लगाई अब बागों पर उनकी नजर है। दोषी वे भी हैं जो लालच में अपने बाग भूमाफिया को बेच रहे हैं। इस मामले में न्याय पंचायत स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
-पंकज यादव, प्रधान, रानीपोखरी ग्रामसभा

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