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Dehradun News: कैश मैनेजमेंट कंपनी में 49.93 लाख की हेराफेरी
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Iतीन कर्मियों पर मुकदमा दर्ज, ग्राहकों से लिए रुपये बैंक में जमा नहीं किए
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Iबैंक की जाली रसीदें लगाकर कंपनी को अंधेरे में रखने का आरोपI
Iएक कैश मैनेजमेंट कंपनी ने अपने तीन कर्मचारियों पर 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी और गबन करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में सोमवार को नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।I
Iएसओ संजीत कुमार ने बताया कि कंपनी के रीजनल हेड दिगपाल सिंह नेगी ने तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि कैश एक्जीक्यूटिव अमित कुमार, विनोद सिंह नेगी और देवेंद्र कुमार ने मिलकर कुल 49.93 लाख का गबन किया है। आरोप है कि इन कर्मचारियों ने ग्राहकों से ली गई नकदी को बैंक में जमा नहीं करवाया लेकिन जाली बैंक रसीदें बनाकर कंपनी को धोखे में रखा। कंपनी की आंतरिक जांच में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। अमित पर 13.69 लाख का गबन करने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने 11 अगस्त को एक ग्राहक से यह राशि ली थी लेकिन इसे बैंक में जमा नहीं किया। बैंक मुहर की जाली रसीद कंपनी के पोर्टल पर अपलोड कर दी। आंतरिक जांच में गबन का खुलासा हुआ। विनोद पर 25 लाख से अधिक की हेराफेरी का आरोप है। आरोप है कि उसने एक अगस्त से आठ अगस्त के बीच ग्राहकों से रुपये एकत्र किए लेकिन बैंक में जमा नहीं किए। उसने भी जाली बैंक रसीदों का इस्तेमाल किया। देवेंद्र पर 10.41 लाख से अधिक रुपयों के गबन का आरोप है। आरोप है कि उसने एक जून से 15 जून के बीच विभिन्न ग्राहकों से यह राशि ली लेकिन बैंक में जमा नहीं कराई। कंपनी पूछताछ में बताया कि यह पैसा अपनी पत्नी के इलाज पर खर्च कर दिया।I
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Iबैंक की जाली रसीदें लगाकर कंपनी को अंधेरे में रखने का आरोपI
Iएक कैश मैनेजमेंट कंपनी ने अपने तीन कर्मचारियों पर 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी और गबन करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में सोमवार को नेहरू कॉलोनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।I
Iएसओ संजीत कुमार ने बताया कि कंपनी के रीजनल हेड दिगपाल सिंह नेगी ने तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि कैश एक्जीक्यूटिव अमित कुमार, विनोद सिंह नेगी और देवेंद्र कुमार ने मिलकर कुल 49.93 लाख का गबन किया है। आरोप है कि इन कर्मचारियों ने ग्राहकों से ली गई नकदी को बैंक में जमा नहीं करवाया लेकिन जाली बैंक रसीदें बनाकर कंपनी को धोखे में रखा। कंपनी की आंतरिक जांच में धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। अमित पर 13.69 लाख का गबन करने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने 11 अगस्त को एक ग्राहक से यह राशि ली थी लेकिन इसे बैंक में जमा नहीं किया। बैंक मुहर की जाली रसीद कंपनी के पोर्टल पर अपलोड कर दी। आंतरिक जांच में गबन का खुलासा हुआ। विनोद पर 25 लाख से अधिक की हेराफेरी का आरोप है। आरोप है कि उसने एक अगस्त से आठ अगस्त के बीच ग्राहकों से रुपये एकत्र किए लेकिन बैंक में जमा नहीं किए। उसने भी जाली बैंक रसीदों का इस्तेमाल किया। देवेंद्र पर 10.41 लाख से अधिक रुपयों के गबन का आरोप है। आरोप है कि उसने एक जून से 15 जून के बीच विभिन्न ग्राहकों से यह राशि ली लेकिन बैंक में जमा नहीं कराई। कंपनी पूछताछ में बताया कि यह पैसा अपनी पत्नी के इलाज पर खर्च कर दिया।I
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