Corona: सीएम त्रिवेंद्र ने पीएम मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की बात, कहा- हालात सुधरने तक सील रहें इंटर स्टेट बॉर्डर
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 3 मई के बाद के हालात पर प्रधानमंत्री मोदी को सुझाव दिया कि पड़ोसी राज्यों के साथ सीमाएं नहीं खोली जाएं। उन्होंने पीएम से आग्रह किया है कि इंटर स्टेट बार्डर को तब तक सील रखा जाए, जब तक पड़ोसी राज्यों में हालात नहीं सुधरते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ उत्तराखंड की सीमाएं हैं। यूपी के सीमांत जिलों में कोरोना के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में अगर उत्तराखंड की सीमाएं खुलती हैं तो यूपी से होने वाली आवाजाही से प्रदेश में संक्रमण फैल सकता है। प्रदेश के भीतर ग्रीन कैटेगिरी वाले जिलों में शर्तों के साथ आवाजाही शुरू की जा सकती है, लेकिन जिन जिलों में हॉट स्पॉट हैं, वहां की सीमा सील रहेगी। पूरी तरह से कोरोना मुक्त होने के बाद ही अंतर जनपदीय आवाजाही शुरू की जाएगी।
केंद्रीय गाइडलाइन का पालन कर आर्थिक स्थिति सुधारने पर जोर
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित हुई मुख्यमंत्रियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश के हालात साझा करने के साथ ही कुछ सुझाव भी दिए। मुख्यमंत्री ने तीन मई के बाद जारी होने वाली नई केंद्रीय गाइडलाइन का सख्ती से पालन कर आर्थिक स्थिति सुधारने पर फोकस किया। उन्होंने पीएम को सुझाव दिया मनरेगा के प्रतिवर्ष सौ कार्य दिवसों को बढ़ाकर डेढ़ सौ किया जाए। कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि मनरेगा में रोजगार की अवधि को 100 दिन से बढ़ाकर 150 दिन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करते हुए धीरे-धीरे आर्थिक स्थितियों को सुधारने पर काम कर रहे हैं। फार्मा, फूड प्रोसेसिंग की इकाइयां प्रदेश में काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खोले गए हैं।
लॉकडाउन के कारण पर्यटन क्षेत्र में खासा नुकसान हुआ है, लेकिन सरकार को पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में स्थितियां फिर सुधरेंगी। उन्होंने कहा कि तीन मई के बाद केंद्र की जो गाइडलाइन आएगी, उसका सख्ती से पालन करते हुए आर्थिक गतिविधियों को शुरू किया जा सकता है। निर्धारित शारीरिक दूरी और मास्क की अनिवार्यता के साथ कृषि, वानिकी, स्वरोजगार के माध्यम से धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से स्थिति सामान्य हो सकती है। प्रदेश के 9 पर्वतीय जिले जोकि कोरोना के प्रभाव से मुक्त हैं। वहां पर एनएच, मनरेगा के काम गाइडलाइन का पालन करते हुए शुरू किए गए हैं। प्रदेश के आर्थिक स्थिति सुधारने को मंत्रिमंडलीय उपसमिति और विशेषज्ञों की अलग अलग समिति बनाई गई है।