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हड़ताल से बैंकों में ठप रहा कामकाज, दो दिन और बंद रहेंगे बैंक
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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
11 सूत्री मांगों के समर्थन में शुक्रवार को बैंकों में हड़ताल से कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। ओरियंटल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा को छोड़कर किसी भी बैंक की शाखाएं नहीं खुलीं। बैंक नहीं खुलने की वजह से ग्राहक दिनभर भटकते दिखे। एक ही दिन में 5200 करोड़ रुपये से ऊपर का कारोबार प्रभावित हुआ। चेक क्लीयरेंस से लेकर बैंकिंग के सभी काम बंद रहे। वहीं हड़ताल से पहले दिन करीब 5200 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ।
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन के आह्वान पर शुक्रवार को प्रदेशभर में करीब 2200 बैंक शाखाओं में स्केल 7 तक के अधिकारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल की वजह से शहर और ग्रामीण बैंकों में ताला लटका रहा। वहीं बैंक अधिकारियों ने परेड ग्राउंड में एकत्र होकर विरोध रैली निकाली। एस्ले हॉल चौक पर रैली को पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस मौके पर ऑल इंडिया बैंक कंफेेडरेशन उत्तराखंड के अध्यक्ष हरिओम रेखी ने कहा कि सरकार अधिकारियों को बांटने का प्रयास कर रही है। वर्ष 1979 से आज तक जो भी वार्ताएं हुई हैं, उनमें सभी स्केल के अधिकारियों को बुलाया जाता था, लेकिन इस बार केवल तीन स्केल के अधिकारियों को बुलाया गया है। बाकी चार स्केल के अधिकारियों को न बुलाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। कंफेडरेशन के सचिव प्रमोद रंजन कुकरेती ने कहा कि सरकार का रवैया ठीक नहीं है। सरकार बैंकों को खत्म करने के प्रयास में हैं। इसके तहत बैंकों का विलय किया जा रहा है, अधिकारियों-कर्मचारियों को बांटा जा रहा है। प्रदर्शन में कंफेडरेशन के उपाध्यक्ष कुंदर सिंह रावत, केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के सचिव शार्दुल ढौंडियाल, जेएस चौहान, आरएम नौटियाल, तनुज पंत, वीके बहुगुणा, विजय गुप्ता, जयंत चौहान, वीके झींगरण आदि मौजूद रहे।
दो दिन और बंद रहेंगे बैंक
हड़ताल की वजह से बैंक बंद होने के बाद अभी ग्राहकों को दो दिन और बैंक खुलने का इंतजार करना होगा। महीने का चौथा शनिवार और इसके बाद रविवार होने की वजह से बैंक बंद रहेंगे। बैंक सोमवार को खुलेंगे। इसके बाद मंगलवार को क्रिसमस और बुधवार को बैंक इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर हड़ताल की वजह से बैंक बंद रहेंगे।
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इन बैंकों में नहीं हुआ कामकाज
पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, कारपोरेशन बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिंडिकेट बैंक, देना बैंक, आईडीबीआई बैंक, नैनीताल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, फेडरल बैंक, ग्रामीण बैंक व कर्नाटका बैंक आदि। ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और बैंक ऑफ बड़ौदा की अधिकारी यूनियन अलग होने की वजह से हड़ताल नहीं रही, लेकिन कामकाज प्रभावित रहा।
ये हैं प्रमुख मांगें
-वेतन वार्ता में सभी स्केल के अधिकारियों को बिना किसी शर्त शामिल करने का मौका दिया जाना चाहिए। इस बार कई बैंकों ने केवल तीन स्तर के अधिकारियों को ही शामिल किया है।
-संगठन न्यूनतम वेतन की अवधारणा के आधार पर वेतन समझौते की मांग करता है। वेतन समझौते को लाभ प्रदान करने से न जोड़ा जाए। बैंक अधिकारियों और उनके श्रम व जोखिम वहन करने की क्षमता के अनुरूप वेतन दिया जाए।
-बैंक में नई पेंशन योजना एनपीएस के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना सभी के लिए लागू की जाए।
-पेंशन स्कीम को अपडेट कर उसमें आवश्यक सुधार किए जाएं।
-बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक का विलय निरस्त किया जाए।
-बैंकों में कार्यकारी दिवस पांच किए जाएं।
-कैथोलिक सीनियर बैंक और आईडीबीआई बैंक के विवादित कर्मचारी मुद्दे का सकारात्मक निदान किया जाए।
-मेडिकल इंश्योरेंस के प्रीमियम में बढ़ोतरी को कम किया जाए।
-बैंक कर्मचारियों पर राजनीतिक व्यक्तियों और असामाजिक तत्वों के दुर्व्यवहार को रोका जाए।
-क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का विलय रोका जाए।
-सरकारी बैंकों में लागू पेंशन योजना क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में भी लागू किया जाए।
इनसेट-
पहले ही दिन एटीएम हुए खाली
बैंकों में हड़ताल की वजह से पहले ही दिन एटीएम खाली हो गए। शहर के करीब 150 एटीएम में 60 प्रतिशत एटीएम दोपहर तक खाली हो गए। दिनभर लोग पैसा निकालने के लिए भटकते नजर आए। एटीएम में बैंकों की ओर से पैसा भरने की अलग से कोई व्यवस्था भी नहीं की गई।
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11 सूत्री मांगों के समर्थन में शुक्रवार को बैंकों में हड़ताल से कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। ओरियंटल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा को छोड़कर किसी भी बैंक की शाखाएं नहीं खुलीं। बैंक नहीं खुलने की वजह से ग्राहक दिनभर भटकते दिखे। एक ही दिन में 5200 करोड़ रुपये से ऊपर का कारोबार प्रभावित हुआ। चेक क्लीयरेंस से लेकर बैंकिंग के सभी काम बंद रहे। वहीं हड़ताल से पहले दिन करीब 5200 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ।
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कंफेडरेशन के आह्वान पर शुक्रवार को प्रदेशभर में करीब 2200 बैंक शाखाओं में स्केल 7 तक के अधिकारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल की वजह से शहर और ग्रामीण बैंकों में ताला लटका रहा। वहीं बैंक अधिकारियों ने परेड ग्राउंड में एकत्र होकर विरोध रैली निकाली। एस्ले हॉल चौक पर रैली को पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर रोक दिया। इस मौके पर ऑल इंडिया बैंक कंफेेडरेशन उत्तराखंड के अध्यक्ष हरिओम रेखी ने कहा कि सरकार अधिकारियों को बांटने का प्रयास कर रही है। वर्ष 1979 से आज तक जो भी वार्ताएं हुई हैं, उनमें सभी स्केल के अधिकारियों को बुलाया जाता था, लेकिन इस बार केवल तीन स्केल के अधिकारियों को बुलाया गया है। बाकी चार स्केल के अधिकारियों को न बुलाना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। कंफेडरेशन के सचिव प्रमोद रंजन कुकरेती ने कहा कि सरकार का रवैया ठीक नहीं है। सरकार बैंकों को खत्म करने के प्रयास में हैं। इसके तहत बैंकों का विलय किया जा रहा है, अधिकारियों-कर्मचारियों को बांटा जा रहा है। प्रदर्शन में कंफेडरेशन के उपाध्यक्ष कुंदर सिंह रावत, केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के सचिव शार्दुल ढौंडियाल, जेएस चौहान, आरएम नौटियाल, तनुज पंत, वीके बहुगुणा, विजय गुप्ता, जयंत चौहान, वीके झींगरण आदि मौजूद रहे।
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दो दिन और बंद रहेंगे बैंक
हड़ताल की वजह से बैंक बंद होने के बाद अभी ग्राहकों को दो दिन और बैंक खुलने का इंतजार करना होगा। महीने का चौथा शनिवार और इसके बाद रविवार होने की वजह से बैंक बंद रहेंगे। बैंक सोमवार को खुलेंगे। इसके बाद मंगलवार को क्रिसमस और बुधवार को बैंक इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर हड़ताल की वजह से बैंक बंद रहेंगे।
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इन बैंकों में नहीं हुआ कामकाज
पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, कारपोरेशन बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिंडिकेट बैंक, देना बैंक, आईडीबीआई बैंक, नैनीताल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, फेडरल बैंक, ग्रामीण बैंक व कर्नाटका बैंक आदि। ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और बैंक ऑफ बड़ौदा की अधिकारी यूनियन अलग होने की वजह से हड़ताल नहीं रही, लेकिन कामकाज प्रभावित रहा।
ये हैं प्रमुख मांगें
-वेतन वार्ता में सभी स्केल के अधिकारियों को बिना किसी शर्त शामिल करने का मौका दिया जाना चाहिए। इस बार कई बैंकों ने केवल तीन स्तर के अधिकारियों को ही शामिल किया है।
-संगठन न्यूनतम वेतन की अवधारणा के आधार पर वेतन समझौते की मांग करता है। वेतन समझौते को लाभ प्रदान करने से न जोड़ा जाए। बैंक अधिकारियों और उनके श्रम व जोखिम वहन करने की क्षमता के अनुरूप वेतन दिया जाए।
-बैंक में नई पेंशन योजना एनपीएस के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना सभी के लिए लागू की जाए।
-पेंशन स्कीम को अपडेट कर उसमें आवश्यक सुधार किए जाएं।
-बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक का विलय निरस्त किया जाए।
-बैंकों में कार्यकारी दिवस पांच किए जाएं।
-कैथोलिक सीनियर बैंक और आईडीबीआई बैंक के विवादित कर्मचारी मुद्दे का सकारात्मक निदान किया जाए।
-मेडिकल इंश्योरेंस के प्रीमियम में बढ़ोतरी को कम किया जाए।
-बैंक कर्मचारियों पर राजनीतिक व्यक्तियों और असामाजिक तत्वों के दुर्व्यवहार को रोका जाए।
-क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का विलय रोका जाए।
-सरकारी बैंकों में लागू पेंशन योजना क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में भी लागू किया जाए।
इनसेट-
पहले ही दिन एटीएम हुए खाली
बैंकों में हड़ताल की वजह से पहले ही दिन एटीएम खाली हो गए। शहर के करीब 150 एटीएम में 60 प्रतिशत एटीएम दोपहर तक खाली हो गए। दिनभर लोग पैसा निकालने के लिए भटकते नजर आए। एटीएम में बैंकों की ओर से पैसा भरने की अलग से कोई व्यवस्था भी नहीं की गई।