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मसूरी के स्कूल की प्रबंधनकारिणी भंग करने के आदेश
Updated Fri, 10 Aug 2018 02:20 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मसूरी के एक निजी स्कूल की प्रबंधनकारिणी भंग करने के आदेश दिए हैं। आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने स्कूल से छात्राओं के जाने के मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर बृहस्पतिवार को यह आदेश जारी किया। अब शिक्षा विभाग में स्कूल की ओर से जमा अनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर नई कार्यकारिणी गठित की जाएगी।
बृहस्पतिवार को बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने विभिन्न शिकायतों पर सुनवाई की। द हिमालय पब्लिक स्कूल के खिलाफ मासिक शुल्क बढ़ोतरी की शिकायत पर सुनवाई करते हुए उन्होंने आदेश दिए कि अभिभावकों और शिक्षा विभाग की अनुमति के बिना शुल्क नहीं बढ़ाया जा सकता है। दूर सरला एकेडमी में भी शुल्क वृद्धि के खिलाफ आयोग ने निर्देश दिए कि मुख्य शिक्षा अधिकारी से अनुमति लेने और अभिभावकों की सहमति के बाद ही शुल्क में वृद्धि की जाए।
बिना इसके अगर ज्यादा शुल्क लिया गया तो इसे वसूली माना जाएगा। अध्यक्ष ने कहा कि अगर कोई भी स्कूल अवैध वसूली करेगा तो उसकी सोसाइटी का पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी। दूसरी ओर, मसूरी के एक स्कूल से छात्राओं के जाने के मामले में आयोग ने प्रबंधनकारिणी भंग करने के आदेश देते हुए नियमानुसार नई कार्यकारिणी बनाने को कहा है। सुनवाई के दौरान बाल आयोग के सदस्य शैलेंद्र शेखर करगेती, शारदा त्रिपाठी, सीमा डोरा, अनुसचिव कामिनी गुप्ता मौजूद रहीं।
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उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मसूरी के एक निजी स्कूल की प्रबंधनकारिणी भंग करने के आदेश दिए हैं। आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने स्कूल से छात्राओं के जाने के मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर बृहस्पतिवार को यह आदेश जारी किया। अब शिक्षा विभाग में स्कूल की ओर से जमा अनापत्ति प्रमाण पत्र के आधार पर नई कार्यकारिणी गठित की जाएगी।
बृहस्पतिवार को बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने विभिन्न शिकायतों पर सुनवाई की। द हिमालय पब्लिक स्कूल के खिलाफ मासिक शुल्क बढ़ोतरी की शिकायत पर सुनवाई करते हुए उन्होंने आदेश दिए कि अभिभावकों और शिक्षा विभाग की अनुमति के बिना शुल्क नहीं बढ़ाया जा सकता है। दूर सरला एकेडमी में भी शुल्क वृद्धि के खिलाफ आयोग ने निर्देश दिए कि मुख्य शिक्षा अधिकारी से अनुमति लेने और अभिभावकों की सहमति के बाद ही शुल्क में वृद्धि की जाए।
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बिना इसके अगर ज्यादा शुल्क लिया गया तो इसे वसूली माना जाएगा। अध्यक्ष ने कहा कि अगर कोई भी स्कूल अवैध वसूली करेगा तो उसकी सोसाइटी का पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की जाएगी। दूसरी ओर, मसूरी के एक स्कूल से छात्राओं के जाने के मामले में आयोग ने प्रबंधनकारिणी भंग करने के आदेश देते हुए नियमानुसार नई कार्यकारिणी बनाने को कहा है। सुनवाई के दौरान बाल आयोग के सदस्य शैलेंद्र शेखर करगेती, शारदा त्रिपाठी, सीमा डोरा, अनुसचिव कामिनी गुप्ता मौजूद रहीं।
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