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मां के नाम पत्र लिखकर मनाया मदर्स-डे
Updated Mon, 14 May 2018 02:32 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
मदर्स-डे के अवसर पर उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) की ओर से अखिल भारतीय महिला आश्रम में रविवार को मां के नाम पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में रवीना लखेड़ा ने पहला, विमला भंडारी ने दूसरा और पुष्पा भल्ला ने तीसरा स्थान हासिल किया।
लक्ष्मणचौक स्थित आश्रम में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता उमा संस्था की अध्यक्ष साधना शर्मा और ज्योत्सना ईष्टवाल ने की। कार्यक्रम की शुरूआत सरिता पायल ने सरस्वती वंदना से की। उमा की ओर से आश्रम में रहने वाली महिलाओं पुष्पा, रेखा तिवारी, उर्मिला समेत अन्य को जरूरी सामग्री दी गई। इस दौरान हुई मां के नाम पत्र लेखन प्रतियोगिता में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिसमें रवीना, विमला और पुष्पा के पत्रों को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान मिला।
संस्था अध्यक्ष साधना शर्मा ने कहा कि मां का दर्जा ईश्वर के समान है, ईश्वर ने अपनी उपस्थिति को दर्शाने के लिए ही धरती पर मां को उतारा है। बच्चे की पहली गुरु भी मां ही होती है। बताया कि बीते 16 वर्षों से मां के नाम पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष 70 पत्र मिले थे। जिनमें से सर्वश्रेष्ठ तीन को चुना गया है। इस दौरान अखिल भारतीय महिला आश्रम की अध्यक्ष ईश आहूजा, आश्रम की सचिव संतोष गोयल, उमा की सचिव नीलिमा गर्ग, मेनका बहल, श्वेता राय तलवाड़, पूनम वर्मा, रेनू भटनागर, अमरजीत कौर, अर्चना, मनीषा गर्ग, डोरिस प्रभा सलूजा, ममता अग्रवाल देवरानी, मोनिका सूद, नीति सक्सेना आदि मौजूद रहीं।
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मदर्स-डे के अवसर पर उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) की ओर से अखिल भारतीय महिला आश्रम में रविवार को मां के नाम पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में रवीना लखेड़ा ने पहला, विमला भंडारी ने दूसरा और पुष्पा भल्ला ने तीसरा स्थान हासिल किया।
लक्ष्मणचौक स्थित आश्रम में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता उमा संस्था की अध्यक्ष साधना शर्मा और ज्योत्सना ईष्टवाल ने की। कार्यक्रम की शुरूआत सरिता पायल ने सरस्वती वंदना से की। उमा की ओर से आश्रम में रहने वाली महिलाओं पुष्पा, रेखा तिवारी, उर्मिला समेत अन्य को जरूरी सामग्री दी गई। इस दौरान हुई मां के नाम पत्र लेखन प्रतियोगिता में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। जिसमें रवीना, विमला और पुष्पा के पत्रों को क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान मिला।
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संस्था अध्यक्ष साधना शर्मा ने कहा कि मां का दर्जा ईश्वर के समान है, ईश्वर ने अपनी उपस्थिति को दर्शाने के लिए ही धरती पर मां को उतारा है। बच्चे की पहली गुरु भी मां ही होती है। बताया कि बीते 16 वर्षों से मां के नाम पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष 70 पत्र मिले थे। जिनमें से सर्वश्रेष्ठ तीन को चुना गया है। इस दौरान अखिल भारतीय महिला आश्रम की अध्यक्ष ईश आहूजा, आश्रम की सचिव संतोष गोयल, उमा की सचिव नीलिमा गर्ग, मेनका बहल, श्वेता राय तलवाड़, पूनम वर्मा, रेनू भटनागर, अमरजीत कौर, अर्चना, मनीषा गर्ग, डोरिस प्रभा सलूजा, ममता अग्रवाल देवरानी, मोनिका सूद, नीति सक्सेना आदि मौजूद रहीं।
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