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सेना के हथियार उठाकर बच्चे हुए उत्साहित
Updated Tue, 23 Jan 2018 02:00 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून।
हाथ में हथियार उठाकर बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। किसी ने फौजियों को सैल्यूट किया तो किसी ने सेना को करीब से देखा और समझा। स्कूली बच्चों ने सेना में जाने का सपना संजोया। मौका था गढ़ी कैंट स्थित शहीद जसवंत सिंह मैदान में सेना मेले का। मेले में दिनभर स्कूली बच्चों के अलावा तमाम लोग अपने बच्चों को लेकर पहुंचे। मंगलवार को मेला संपन्न हो जाएगा।
सोमवार को शहीद जसवंत सिंह मैदान में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में शुरू हुए सेना मेले का शुभारंभ 14 रैपिड के जीओसी मेजर जनरल एसएस महल ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ऐसा बहुत कम होता है, जब सेना को पास से देखने और समझने का मौका मिलता है। उनका मकसद युवाओं को सेना में जाने के प्रति प्रेरित करना है। ताकि सैन्य बहुल उत्तराखंड में हर घर फौजी की परंपरा कायम रहे। मेले में सेना ने अत्याधुनिक हथियारों का भी प्रदर्शन किया है। इसमें मुख्य तौर पर मोर्टार, गन मशीन, फ्लेम लांचर, थर्मल इमेजर, मल्टी ग्रेनेड, सिग्नल इक्विपमेंट के अलावा कई और हथियार शामिल हैं। बच्चों में इन हथियारों को हाथ में उठाकर फोटो लेने का उत्साह नजर आए। कई स्कूलों ने अपने बच्चों को सेना में जाने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए बच्चों को सेना मेले में भेजा।
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सैनिकों ने बनाई मोटिवेशनल मूवी
बच्चों को सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करने को सेना लगातार प्रयास कर रही है। ब्रिगेडियर एसके दत्ता ने बताया कि सैनिकों ने युवाओं के लिए मोटिवेशनल मूवी बनाई है। इसमें यूथ की योजना बनाने से लेकर एक्शन तक की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई है।
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युवा बोले, हमें सेना पर नाज है
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सैनिक मेले से हमें हथियारों को करीब से देखने को मिलता है साथ ही हमें हथियारों की जानकारी मिलती है। इस मेले के जरिए यूथ आसानी से सेना की जीवनशैली समझ सकता है।
- दीक्षा रावत
मेला हमारे लिए बहुत उपयोगी है साथ ही यूथ को आर्मी से जोड़ने के लिए एक मार्गदर्शन का काम करेगा।
- बिमल क्षेत्री
हम एनसीसी कैडेट के लिए सैनिक मेला एक अच्छा प्लेटफ ार्म है इससे हमें सेना प्रशिक्षण की प्रक्रिया को पहले से समझने का आसान मौका मिल रहा है।
-अमित नेगी
सेना मेले में युवाओं को भर्ती के लिए जो जानकारी दी जा रही है, वह उनके लिए लाभकारी होगी। सेना की ओर से मेले में स्वास्थ्य शिविर लगाना अच्छी पहल है। इससे बुजुर्गों को लाभ मिलेगा।
- छोटी देवी
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गढ़ी कैंट में घुसे दो आतंकी, सेना ने मार गिराए
सुबह सेना मेले से पहले सेना ने परखी सुरक्षा व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
गढ़ी कैंट में सुबह अचानक दो आतंकी घुस गए। जैसे ही इसकी सूचना सेना को मिली तो एक टुकड़ी आतंकियों पर कार्रवाई के लिए रवाना हो गई। आतंकी लालघर में छिपे थे। सेना ने इस घर को घेर लिया। आतंकियों ने जवाबी फायरिंग की। सेना की फायरिंग में एक आतंकी की मौत हो गई। इस घटना से गढ़ी कैंट में अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। कुछ इस तरह से सेना ने सेना मेले से ठीक पहले अपनी सुरक्षा व्यवस्था परखी।
मंगलवार को सेना ने आतंकी घुसपैठ की सूचना पर सर्च ऑपरेशन चलाया। लाल घर को घेरकर कार्रवाई शुरू हुई। एक आतंकी की मौत के बाद सेना के अधिकारियों ने दूसरे आतंकी को आत्मसमर्पण करने को कहा। आतंकी ने इसके बजाए सेना पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सेना ने बंद घर के दरवाजे पर विस्फोट कर दिया। आतंकी मारा गया। सेना ने दोनों आतंकियों को समय रहते मार गिराया। इस तरह सेना ने सेना मेलेे से ठीक पहले अपनी सुरक्षा व्यवस्था परखी। अधिकारी और सैनिक ऐसी किसी भी घटना से निपटने के लिए मुस्तैद नजर आए।
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सेना मेले की साइड स्टोरी:: फोटो भी
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कॉमर्स समझने के लिए बच्चों ने बनाई कंपनी
प्रॉफिट से कर रहे जरूरतमंदों की मदद
आर्मी स्कूल बीरपुर के बच्चों ने बनाई शाइनिंग स्टार्स प्राइवेट लिमिटेड
बेकार वस्तुओं से बनाते हैं मॉडल, बाजार में बेचने को किया तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
कॉमर्स की पढ़ाई को किताबों से निकालकर व्यवहारिकता में लाने के लिए बच्चों ने कंपनी बना दी। अब यह कंपनी हर साल हजारों रुपये कमा रही है। बच्चे इस कमाई को गरीब जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई और शादियों पर खर्च कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं, आर्मी स्कूल बीरपुर के 11वीं और 12वीं के कॉमर्स छात्रों की कंपनी शाइनिंग स्टार्स प्राइवेट लिमिटेड की। कंपनी ने गढ़ी कैंट में शुरू हुए सेना मेले में अपने उत्पाद बिक्री के लिए प्रदर्शित किए हैं।
आर्मी स्कूल बीरपुर की प्राइमरी विंग कॉर्डिनेटर प्रियंका बहल ने बताया कि स्कूल प्रशासन ने छात्रों को कॉमर्स की व्यवहारिक जानकारी देने के लिए शाइनिंग स्टार्स नाम से कंपनी बनाई। इस कंपनी के संचालन की जिम्मेदारी 11वीं और 12वीं कॉमर्स के छात्रों की है। हालांकि कंपनी के लिए बेकार वस्तुओं से सजावटी सामान सभी बच्चे बनाते हैं। इन सभी सामान को कॉमर्स के यह बच्चे अलग-अलग जगहों पर स्टॉल लगाकर बेचते हैं। एक साल में बच्चों की इस कंपनी ने हजारों रुपये कमा लिए हैं। सेना मेले में भी सजावटी सामान का स्टॉल लगाया गया है। छात्र विमल कुंवर क्षेत्री, शलभ सिंह नेगी, प्रखर अरोड़ा, अनमोल, भूपेश सिंह, अजय बिष्ट ने बताया कि उनके स्टॉल पर पर फ्लावर पॉट के अलावा विभिन्न सजावटी सामान कम दामों में खरीदे जा सकते हैं। शिक्षिका एआर राशि, शालू पटवाल और संगीता ने बताया कि कंपनी के प्रॉफिट को बच्चे, कमजोर और गरीब बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादियों में खर्च करते हैं।
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हाथ में हथियार उठाकर बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। किसी ने फौजियों को सैल्यूट किया तो किसी ने सेना को करीब से देखा और समझा। स्कूली बच्चों ने सेना में जाने का सपना संजोया। मौका था गढ़ी कैंट स्थित शहीद जसवंत सिंह मैदान में सेना मेले का। मेले में दिनभर स्कूली बच्चों के अलावा तमाम लोग अपने बच्चों को लेकर पहुंचे। मंगलवार को मेला संपन्न हो जाएगा।
सोमवार को शहीद जसवंत सिंह मैदान में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में शुरू हुए सेना मेले का शुभारंभ 14 रैपिड के जीओसी मेजर जनरल एसएस महल ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ऐसा बहुत कम होता है, जब सेना को पास से देखने और समझने का मौका मिलता है। उनका मकसद युवाओं को सेना में जाने के प्रति प्रेरित करना है। ताकि सैन्य बहुल उत्तराखंड में हर घर फौजी की परंपरा कायम रहे। मेले में सेना ने अत्याधुनिक हथियारों का भी प्रदर्शन किया है। इसमें मुख्य तौर पर मोर्टार, गन मशीन, फ्लेम लांचर, थर्मल इमेजर, मल्टी ग्रेनेड, सिग्नल इक्विपमेंट के अलावा कई और हथियार शामिल हैं। बच्चों में इन हथियारों को हाथ में उठाकर फोटो लेने का उत्साह नजर आए। कई स्कूलों ने अपने बच्चों को सेना में जाने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए बच्चों को सेना मेले में भेजा।
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सैनिकों ने बनाई मोटिवेशनल मूवी
बच्चों को सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करने को सेना लगातार प्रयास कर रही है। ब्रिगेडियर एसके दत्ता ने बताया कि सैनिकों ने युवाओं के लिए मोटिवेशनल मूवी बनाई है। इसमें यूथ की योजना बनाने से लेकर एक्शन तक की पूरी प्रक्रिया दिखाई गई है।
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युवा बोले, हमें सेना पर नाज है
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सैनिक मेले से हमें हथियारों को करीब से देखने को मिलता है साथ ही हमें हथियारों की जानकारी मिलती है। इस मेले के जरिए यूथ आसानी से सेना की जीवनशैली समझ सकता है।
- दीक्षा रावत
मेला हमारे लिए बहुत उपयोगी है साथ ही यूथ को आर्मी से जोड़ने के लिए एक मार्गदर्शन का काम करेगा।
- बिमल क्षेत्री
हम एनसीसी कैडेट के लिए सैनिक मेला एक अच्छा प्लेटफ ार्म है इससे हमें सेना प्रशिक्षण की प्रक्रिया को पहले से समझने का आसान मौका मिल रहा है।
-अमित नेगी
सेना मेले में युवाओं को भर्ती के लिए जो जानकारी दी जा रही है, वह उनके लिए लाभकारी होगी। सेना की ओर से मेले में स्वास्थ्य शिविर लगाना अच्छी पहल है। इससे बुजुर्गों को लाभ मिलेगा।
- छोटी देवी
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गढ़ी कैंट में घुसे दो आतंकी, सेना ने मार गिराए
सुबह सेना मेले से पहले सेना ने परखी सुरक्षा व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
गढ़ी कैंट में सुबह अचानक दो आतंकी घुस गए। जैसे ही इसकी सूचना सेना को मिली तो एक टुकड़ी आतंकियों पर कार्रवाई के लिए रवाना हो गई। आतंकी लालघर में छिपे थे। सेना ने इस घर को घेर लिया। आतंकियों ने जवाबी फायरिंग की। सेना की फायरिंग में एक आतंकी की मौत हो गई। इस घटना से गढ़ी कैंट में अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। कुछ इस तरह से सेना ने सेना मेले से ठीक पहले अपनी सुरक्षा व्यवस्था परखी।
मंगलवार को सेना ने आतंकी घुसपैठ की सूचना पर सर्च ऑपरेशन चलाया। लाल घर को घेरकर कार्रवाई शुरू हुई। एक आतंकी की मौत के बाद सेना के अधिकारियों ने दूसरे आतंकी को आत्मसमर्पण करने को कहा। आतंकी ने इसके बजाए सेना पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद सेना ने बंद घर के दरवाजे पर विस्फोट कर दिया। आतंकी मारा गया। सेना ने दोनों आतंकियों को समय रहते मार गिराया। इस तरह सेना ने सेना मेलेे से ठीक पहले अपनी सुरक्षा व्यवस्था परखी। अधिकारी और सैनिक ऐसी किसी भी घटना से निपटने के लिए मुस्तैद नजर आए।
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सेना मेले की साइड स्टोरी:: फोटो भी
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कॉमर्स समझने के लिए बच्चों ने बनाई कंपनी
प्रॉफिट से कर रहे जरूरतमंदों की मदद
आर्मी स्कूल बीरपुर के बच्चों ने बनाई शाइनिंग स्टार्स प्राइवेट लिमिटेड
बेकार वस्तुओं से बनाते हैं मॉडल, बाजार में बेचने को किया तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
कॉमर्स की पढ़ाई को किताबों से निकालकर व्यवहारिकता में लाने के लिए बच्चों ने कंपनी बना दी। अब यह कंपनी हर साल हजारों रुपये कमा रही है। बच्चे इस कमाई को गरीब जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई और शादियों पर खर्च कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं, आर्मी स्कूल बीरपुर के 11वीं और 12वीं के कॉमर्स छात्रों की कंपनी शाइनिंग स्टार्स प्राइवेट लिमिटेड की। कंपनी ने गढ़ी कैंट में शुरू हुए सेना मेले में अपने उत्पाद बिक्री के लिए प्रदर्शित किए हैं।
आर्मी स्कूल बीरपुर की प्राइमरी विंग कॉर्डिनेटर प्रियंका बहल ने बताया कि स्कूल प्रशासन ने छात्रों को कॉमर्स की व्यवहारिक जानकारी देने के लिए शाइनिंग स्टार्स नाम से कंपनी बनाई। इस कंपनी के संचालन की जिम्मेदारी 11वीं और 12वीं कॉमर्स के छात्रों की है। हालांकि कंपनी के लिए बेकार वस्तुओं से सजावटी सामान सभी बच्चे बनाते हैं। इन सभी सामान को कॉमर्स के यह बच्चे अलग-अलग जगहों पर स्टॉल लगाकर बेचते हैं। एक साल में बच्चों की इस कंपनी ने हजारों रुपये कमा लिए हैं। सेना मेले में भी सजावटी सामान का स्टॉल लगाया गया है। छात्र विमल कुंवर क्षेत्री, शलभ सिंह नेगी, प्रखर अरोड़ा, अनमोल, भूपेश सिंह, अजय बिष्ट ने बताया कि उनके स्टॉल पर पर फ्लावर पॉट के अलावा विभिन्न सजावटी सामान कम दामों में खरीदे जा सकते हैं। शिक्षिका एआर राशि, शालू पटवाल और संगीता ने बताया कि कंपनी के प्रॉफिट को बच्चे, कमजोर और गरीब बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादियों में खर्च करते हैं।