{"_id":"5a3d68e64f1c1b5c0c8b4a57","slug":"41513973990-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"19 भक्तों का कराया अमृत पान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
19 भक्तों का कराया अमृत पान
Updated Sat, 23 Dec 2017 01:53 AM IST
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
श्री गुरु गोबिंद सिंह महराज के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा आढ़त बाजार के तत्वावधान में शुक्रवार को 19 श्रद्धालुओं को जत्थेदार बलदेव सिंह और अमरजीत सिंह की अगुवाई में पंज प्यारों ने अमृत पान कराया गया। इस मौके पर भाई बलदेव सिंह ने अमृत की महिमा बताते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने मानवता को सर्वोपरि धर्म मानने का संदेश दिया है। उन्होंने खालसे पंथ का सृजन कर जात-पात के भेदभाव को खत्म किया। उन्होंने कहा कि अमृत पान कर प्राणी में गुरु के प्रति आस्था बढ़ जाती है। व्यक्ति कुरीतियों और नशे आदि से दूर हो जाता है। इस अवसर पर पंज प्यारों और अमृत पान करने वाले भक्तों को सरोपे भेंट किए गए। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, महासचिव गुलजार सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमिंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, गुरचरण वासु, मनजीत सिंह, सतनाम, गुरबक्श सिंह, चरणजीत, नरेंद्र, देवेंद्र, हरभजन, फूला सिंह, बलवीर सिंह, ईश्वर, अमनदीप, रणजीत सिंह, हरदीप सिंह, बलवीर, जीएस कोहली, विजय पाल, गगनदीप, हेड ग्रंथी भाई शमशेर सिंह, सेवा सिंह थे।
विज्ञापन
श्री गुरु गोबिंद सिंह महराज के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा आढ़त बाजार के तत्वावधान में शुक्रवार को 19 श्रद्धालुओं को जत्थेदार बलदेव सिंह और अमरजीत सिंह की अगुवाई में पंज प्यारों ने अमृत पान कराया गया। इस मौके पर भाई बलदेव सिंह ने अमृत की महिमा बताते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने मानवता को सर्वोपरि धर्म मानने का संदेश दिया है। उन्होंने खालसे पंथ का सृजन कर जात-पात के भेदभाव को खत्म किया। उन्होंने कहा कि अमृत पान कर प्राणी में गुरु के प्रति आस्था बढ़ जाती है। व्यक्ति कुरीतियों और नशे आदि से दूर हो जाता है। इस अवसर पर पंज प्यारों और अमृत पान करने वाले भक्तों को सरोपे भेंट किए गए। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह, महासचिव गुलजार सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमिंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, गुरचरण वासु, मनजीत सिंह, सतनाम, गुरबक्श सिंह, चरणजीत, नरेंद्र, देवेंद्र, हरभजन, फूला सिंह, बलवीर सिंह, ईश्वर, अमनदीप, रणजीत सिंह, हरदीप सिंह, बलवीर, जीएस कोहली, विजय पाल, गगनदीप, हेड ग्रंथी भाई शमशेर सिंह, सेवा सिंह थे।