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एक्सरे को 35 किमी की दौड़ लगा रही 40 गांव की आबादी
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सीएचसी साहिया के एक्सरे रूम में लटके ताले7
- फोटो : VIKAS NAGAR
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प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। पर्वतीय अंचलों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पाने के कारण शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। जहां उनका पैसा और समय दोनों बर्बाद हो रहे हैं। बावजूद इसके मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल पा पा रहा है। ताजा मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहिया का है जहां सात माह से एक्सरे मशीन खराब पड़ी है। जिस कारण लोगों को एक्सरे सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्हें एक्सरे कराने के लिए 35 किमी दूर विकासनगर की दौड़ लगानी पड़ रही है। वर्ष 2006 में साहिया में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोला गया। अस्पताल से 40 से अधिक गांव की आबादी जुड़ी हुई है। मार्च 2019 में एक्सरे मशीन में तकनीकी खराबी आ गई। जिसके बाद से मशीन बंद कमरे में धूल फांक रही है। अब तक अस्पताल प्रबंधन मशीन को ठीक नहीं करा सका है। लोगों को छोटे से छोटे एक्सरे के लिए भी पहाड़ी रास्तों पर 40 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान, इंदर सिंह, बलबीर सिंह भंडारी, चमन सिंह बिष्ट, कुंदन सिंह बिष्ट आदि का कहना है कि शिकायत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन मशीन को ठीक नहीं करा रहा है। एक्सरे मशीन ठीक न होने के कारण एक्सीडेंटल केस में अस्पताल प्रबंधन के पास मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने के सिवाय कोई चारा नहीं बचता। सरकारी अस्पताल में बीपीएल परिवारों के लिए एक्सरे सुविधा निशुल्क होती है। लेकिन साहिया स्थित अस्पताल में उक्त सुविधा न होने के कारण इन लोगों को पहले किराये के रूप में 200 रुपये तक खर्च कर सीएचसी विकासनगर जाना पड़ता है। जहां वह अपना एक्सरे कराते हैं।
वहीं सीएमओ एसके गुप्ता का कहना है कि मशीन खराब होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। प्रभारी चिकित्साधिकारी से मामले में रिपोर्ट तलब कर शीघ्र मशीन को ठीक कराया जाएगा।
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इन गांव की आबादी हो रही प्रभावित
अस्पताल में एक्सरे न होने से साहिया बाजार, नेवी, साहिया छानी, समाल्टा, उत्पाल्टा, कुरोली, नेवी, फटेऊ, पानुवा, दातनू, बडनू, डामठा, अलसी, सकनी, कनबुआ, ककाड़ी, किमोठा, कोठा तारली, पजिटिलानी, बिनऊ-बंतऊ, बिरमऊ, उपरोली समेत 40 से अधिक गांव की आबादी प्रभावित हो रही है।
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स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान, इंदर सिंह, बलबीर सिंह भंडारी, चमन सिंह बिष्ट, कुंदन सिंह बिष्ट आदि का कहना है कि शिकायत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन मशीन को ठीक नहीं करा रहा है। एक्सरे मशीन ठीक न होने के कारण एक्सीडेंटल केस में अस्पताल प्रबंधन के पास मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने के सिवाय कोई चारा नहीं बचता। सरकारी अस्पताल में बीपीएल परिवारों के लिए एक्सरे सुविधा निशुल्क होती है। लेकिन साहिया स्थित अस्पताल में उक्त सुविधा न होने के कारण इन लोगों को पहले किराये के रूप में 200 रुपये तक खर्च कर सीएचसी विकासनगर जाना पड़ता है। जहां वह अपना एक्सरे कराते हैं।
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वहीं सीएमओ एसके गुप्ता का कहना है कि मशीन खराब होने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। प्रभारी चिकित्साधिकारी से मामले में रिपोर्ट तलब कर शीघ्र मशीन को ठीक कराया जाएगा।
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इन गांव की आबादी हो रही प्रभावित
अस्पताल में एक्सरे न होने से साहिया बाजार, नेवी, साहिया छानी, समाल्टा, उत्पाल्टा, कुरोली, नेवी, फटेऊ, पानुवा, दातनू, बडनू, डामठा, अलसी, सकनी, कनबुआ, ककाड़ी, किमोठा, कोठा तारली, पजिटिलानी, बिनऊ-बंतऊ, बिरमऊ, उपरोली समेत 40 से अधिक गांव की आबादी प्रभावित हो रही है।